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फोन कराने से कुछ नहीं होगा जो दवा पास में है उसे दो
Updated Sat, 02 Sep 2017 10:56 PM IST
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देवरिया। कैबिनेट मंत्री के करीबी का इलाज के लिए फोन आने पर जिला अस्पताल का एक सर्जन भड़क गया। मरीज के पास पहुंचा डॉक्टर ऊंची आवाज में बोला फोन कराने से कुछ नहीं होगा, जो दवा यहां है उसे दो। उसी समय स्टॉफ नर्स ने दो मलहम का पैकेट दी। इस रवैए से दुखी तीमारदार ने दोबारा नेता के पास फोन कर डॉक्टर की हरकत को बताया।
तरकुलवा के जलुआ पटखौली गांव निवासी जयपति कुमार की बहन सुगंधी देवी मायके आई हैं। शुक्रवार की रात करीब आठ बजे सुगंधी की दो माह की बेटी अनामिका आग में झुलस गई। घरवाले उसे एक निजी डॉक्टर के यहां ले गए। राहत नहीं मिलने पर जिला अस्पताल लाए। महिला सर्जरी वार्ड में उसे डॉक्टर ने भर्ती किया और प्राथमिक इलाज हुआ। शनिवार को दिन में करीब 10 बजे राउंड पर गए एक सर्जन से बच्ची की मां ने बार-बार उल्टी होने की बात कही। लेकिन कोई दवा नहीं लिखे। जयपति ने जिले के एक कैबिनेट मंत्री के करीबी को फोन कर दुखड़ा रोया। नेता ने प्रभारी सीएमओ से इसकी शिकायत की। सीएमओ ने ओपीडी में बैठे डॉ. एचके मिश्रा से कहा। डॉ. एचके मिश्रा सर्जन को फोनकर मंत्री जी से जुड़ा मामला बताते हुए दोबारा झुलसी हुई बच्ची को देखने को कहा। झल्लाए सर्जन वार्ड में पहुंचे और झुलसी हुई बच्ची को देखने के बजाए तीमारदारों पर भड़क गए और बोले अभी यहीं से गया हूं। बिना वजह फोन करा रहे हो। बच्ची की मां बोली साहब बच्ची की उल्टी बंद नहीं हो रही है। कोई दवा तो लिख दीजिए। डॉक्टर ने कहा जो प्राइवेट डॉक्टर सीरप लिखे हैं, उसी को पिलाओ आराम हो जाएगा, मुझे परेशान मत करो। उसी दरम्यान पहुंची स्टॉफ नर्स बच्ची को लगाने के लिए मलहम का दो पैकेट दी। प्रभारी सीएमओे डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि एक नेताजी का फोन आया था। मरीज को देखने के लिए दो डॉक्टरों से बोला। अगर सर्जन ऐसा व्यवहार मरीज के साथ किए होगे तो अच्छी बात नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी।
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तरकुलवा के जलुआ पटखौली गांव निवासी जयपति कुमार की बहन सुगंधी देवी मायके आई हैं। शुक्रवार की रात करीब आठ बजे सुगंधी की दो माह की बेटी अनामिका आग में झुलस गई। घरवाले उसे एक निजी डॉक्टर के यहां ले गए। राहत नहीं मिलने पर जिला अस्पताल लाए। महिला सर्जरी वार्ड में उसे डॉक्टर ने भर्ती किया और प्राथमिक इलाज हुआ। शनिवार को दिन में करीब 10 बजे राउंड पर गए एक सर्जन से बच्ची की मां ने बार-बार उल्टी होने की बात कही। लेकिन कोई दवा नहीं लिखे। जयपति ने जिले के एक कैबिनेट मंत्री के करीबी को फोन कर दुखड़ा रोया। नेता ने प्रभारी सीएमओ से इसकी शिकायत की। सीएमओ ने ओपीडी में बैठे डॉ. एचके मिश्रा से कहा। डॉ. एचके मिश्रा सर्जन को फोनकर मंत्री जी से जुड़ा मामला बताते हुए दोबारा झुलसी हुई बच्ची को देखने को कहा। झल्लाए सर्जन वार्ड में पहुंचे और झुलसी हुई बच्ची को देखने के बजाए तीमारदारों पर भड़क गए और बोले अभी यहीं से गया हूं। बिना वजह फोन करा रहे हो। बच्ची की मां बोली साहब बच्ची की उल्टी बंद नहीं हो रही है। कोई दवा तो लिख दीजिए। डॉक्टर ने कहा जो प्राइवेट डॉक्टर सीरप लिखे हैं, उसी को पिलाओ आराम हो जाएगा, मुझे परेशान मत करो। उसी दरम्यान पहुंची स्टॉफ नर्स बच्ची को लगाने के लिए मलहम का दो पैकेट दी। प्रभारी सीएमओे डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि एक नेताजी का फोन आया था। मरीज को देखने के लिए दो डॉक्टरों से बोला। अगर सर्जन ऐसा व्यवहार मरीज के साथ किए होगे तो अच्छी बात नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी।
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