{"_id":"5ccdcbe6bdec220708713190","slug":"141556990950-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोलिंग पार्टियों को बूथ तक पहुंचाने के लिए मांगी गई बस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोलिंग पार्टियों को बूथ तक पहुंचाने के लिए मांगी गई बस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पोलिंग पार्टियों को बूथ तक पहुंचाने को बाहर से भी आएंगी बसें
- जिले से नहीं हो पा रही पूर्ति, 100 से अधिक बसें पड़ रहीं कम
- डीएम के निर्देश पर एआरटीओ ने एआरएम और गोरखपुर आरटीओ को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पोलिंग पार्टियों को ड्यूटी वाले बूथों तक पहुंचाने के लिए जिले में बसें कम पड़ गई हैं। डीएम के निर्देश पर एआरटीओ ने एआरएम देवरिया और आरटीओ गोरखपुर को पत्र लिखकर बसों की मांग की है। बताया जा रहा है कि यहां 100 से अधिक बसें कम पड़ रही हैं।
इस बार पोलिंग पार्टियों को बूथ तक ले जाने के लिए ट्रक के बजाय बस का उपयोग किया जाएगा। यहां 535 बसों की जरूरत है। इसके अतिरिक्त कुछ बसों को रिजर्व में भी रखा जाएगा। एआरटीओ कार्यालय की ओर से निजी और विद्यालयों में चलने वाली बसों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। इनकी संख्या 450 के करीब हो रही है। ऐसे में बसों की कम पड़ जा रही है। एआरटीओ राजीव चतुर्वेदी ने जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम को इस मामले से अवगत कराया। इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि परिवहन निगम में चलने वाली अनुबंधित बसों की एआरएम और गोरखपुर आरटीओ के माध्यम से मांग कर ली जाए। यदि डिपो से बस मिल जाएंगी तो फिर गोरखपुर से बस नहीं मंगानी पड़ेगी। डीएम के निर्देश पर एआरटीओ ने दोनों अधिकारियों को पत्र लिखकर 100 बसों की मांग की है। एआरटीओ राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि निजी और स्कूल बसें मिलाकर कुल संख्या 450 हो रही है। इसके बाद भी सौ से अधिक बसें कम पड़ रही हैं। इसके लिए बसों की मांग डिपो के एआरएम और गोरखपुर आरटीओ से की गई है।
विज्ञापन
- जिले से नहीं हो पा रही पूर्ति, 100 से अधिक बसें पड़ रहीं कम
- डीएम के निर्देश पर एआरटीओ ने एआरएम और गोरखपुर आरटीओ को लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पोलिंग पार्टियों को ड्यूटी वाले बूथों तक पहुंचाने के लिए जिले में बसें कम पड़ गई हैं। डीएम के निर्देश पर एआरटीओ ने एआरएम देवरिया और आरटीओ गोरखपुर को पत्र लिखकर बसों की मांग की है। बताया जा रहा है कि यहां 100 से अधिक बसें कम पड़ रही हैं।
इस बार पोलिंग पार्टियों को बूथ तक ले जाने के लिए ट्रक के बजाय बस का उपयोग किया जाएगा। यहां 535 बसों की जरूरत है। इसके अतिरिक्त कुछ बसों को रिजर्व में भी रखा जाएगा। एआरटीओ कार्यालय की ओर से निजी और विद्यालयों में चलने वाली बसों के मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। इनकी संख्या 450 के करीब हो रही है। ऐसे में बसों की कम पड़ जा रही है। एआरटीओ राजीव चतुर्वेदी ने जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम को इस मामले से अवगत कराया। इस पर डीएम ने निर्देश दिया कि परिवहन निगम में चलने वाली अनुबंधित बसों की एआरएम और गोरखपुर आरटीओ के माध्यम से मांग कर ली जाए। यदि डिपो से बस मिल जाएंगी तो फिर गोरखपुर से बस नहीं मंगानी पड़ेगी। डीएम के निर्देश पर एआरटीओ ने दोनों अधिकारियों को पत्र लिखकर 100 बसों की मांग की है। एआरटीओ राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि निजी और स्कूल बसें मिलाकर कुल संख्या 450 हो रही है। इसके बाद भी सौ से अधिक बसें कम पड़ रही हैं। इसके लिए बसों की मांग डिपो के एआरएम और गोरखपुर आरटीओ से की गई है।
विज्ञापन