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फोरलेन निर्माण में सुस्ती पर बिफरे कृषि मंत्री

Fri, 29 Jun 2018 11:14 PM IST
Updated Fri, 29 Jun 2018 11:14 PM IST
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फोरलेन निर्माण में सुस्ती पर बिफरे कृषि मंत्री
कलेक्ट्रेट में आयोजित समीक्षा बैठक को कृषि मंत्री सूर्य प्रातप शाही ने संबोधित किया। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। फोरलेन निर्माण की धीमी गति पर कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही शुक्रवार को गुस्से में थे। कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने पीडब्लूडी के अफसरों की जमकर क्लास ली। पूछा कि आखिर इस रफ्तार से फोरलेन कब तक बनेगा। उन्होंने ग्रामीण सड़कों का भी निर्माण अधर में लटकने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। अफसर बजट का रोना रोते रहे। डीएम सुजीत कुमार ने फोरलेन निर्माण में देवरिया की अनदेखी कर गोरखपुर को तरजीह देने पर शासन को पत्र लिखे जाने की जानकारी दी। समीक्षा बैठक में नहरों में पानी नहीं आने और बंधों की मरम्मत का मुद्दा भी छाया रहा। बता दें कि ‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार के अंक में ही फोरलेन निर्माण में सुस्ती की खबर प्रकाशित की थी।
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दोपहर 12 बजे से कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में रुद्रपुर और बरहज इलाके के प्रमुख बंधों का मरम्मत कार्य पूरा करने और बाढ़ से बचाव का पुख्ता इंतजाम का निर्देश दिया। गोरखपुर से सलेमपुर तक बन रहे फोरलेन का निर्माण कार्य देवरिया में सुस्त गति से चलने और गांवों को जोड़ने वाली सड़कों का भी काम अधूरा होने पर कैबिनेट मंत्री ने पीडब्लूडी निर्माण खंड और प्रांतीय खंड के एक्सईएन को आड़े हाथों लिया। कहा कि सपा से जुड़े लोगों को ठेका देकर अफसर सरकार को बदनाम करा रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम सुजीत कुमार ने भी कहा कि देवरिया में सामान गिर रहा है और गोरखपुर में फोरलेन का काम हो रहा है। विभागीय अफसरों की मिलीभगत से देवरिया की अनदेखी की जा रही है। विधायक सुरेश तिवारी ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान विभाग के जेई मौजूद नहीं रहता हैं। मनमाने तरीके से कार्य के कारण सड़क बनने के साथ उखड़ने लगती हैं। पांडेयपुर-कोटवा मार्ग बने एक साल भी नहीं हुए और वह टूट गई है। मंत्री ने अफसरों को मोबाइल में टूटी हुई सड़क की तस्वीर भी दिखाई। अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधा मुहैया कराने का निर्देश सीएमओ को दिया। इस दौरान राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद, सांसद रवींद्र कुशवाहा, जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव, विधायक काली प्रसाद, सीडीओ राजेश त्यागी, सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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नहरों में पानी नहीं आने पर मंत्री खफा
तीन दिन पूर्व ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित ‘देसही की नहरों में अब तक नहीं आया पानी’ की खबर का संज्ञान लेते हुए मंत्री ने सिंचाई विभाग के अफसरों से नहर में पानी नहीं आने का कारण पूछा। कृषिमंत्री ने कहा कि दो दिन पूर्व गांव में चौपाल में भी यही शिकायत थी। खुद मैने भी देखा है। एक्सईएन की दलील थी कि 13 क्यूसेक पानी की जरूरत है, लेकिन गोरखपुर से 12 क्यूसेक ही मिल पा रहा है। इससे टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। भाजपा जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि सिल्ट सफाई सिर्फ हेड पर ही होती है तो टेल तक पानी कैसे पहुंचेगा। मंत्री ने गोरखपुर के अफसरों से वार्ता कर पानी छोड़वाने को कहा। पानी नहीं आने वाले नहरों की सूची भी मांगी।
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बैठक में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

ट्रांसफार्मर बदलने के लिए मांगा जा रहा पैसा
देवरिया। सलेमपुर विधायक काली प्रसाद ने कहा कि जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलने और क्षमता बढ़ाने के लिए गांवों में बिजली निगम के वर्कर 1000 से 1500 रुपये वसूल रहे हैं। गांवों में आठ घंटे भी सुचारु रूप से बिजली आपूर्ति नहीं दी जा रही है। 72 घंटे के अंदर जला हुआ ट्रांसफार्मर बदलने का निर्देश है। लेकिन कई दिनों बाद भी गांवों में ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रही हैं। सुनियोजित तरीके से अफसर सरकार को बदनाम कर रहे हैं।

समितियों पर नहीं दिया गया बीज
देवरिया। जिले में 183 साधन सहकारी समिति हैं। अधिकांश समितियों पर गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र बनाया गया था। एआर कोऑपरेटिव ने 20 क्विंटल धान की बीज के लिए डिमांड किया था। लेकिन एक छटांक बीज नहीं मंगाए, जबकि विभाग के पास पांच करोड़ से अधिक रकम भी पड़ा है। कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कृषि बीज गोदाम ब्लॉक स्तर पर एक है, जबकि साधन सहकारी समितियां न्याय पंचायत स्तर पर संचालित होती है। अगर यहां पर धान का बीज उपलब्ध होता तो किसानों को सहूलियत मिलती। उन्होंने सभी समितियों पर खाद की उपलब्धता रखने का निर्देश दिया।

बोर्ड पर विधायकों का नाम लिखवाएं
देवरिया। मुसैला-मगहरा मार्ग का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से लगाए गए बोर्ड पर जनप्रतिनिधियों का नाम नहीं है। विधायक सुरेश तिवारी ने कहा कि अफसर और मुख्यमंत्री तो हाईलाइट हो ही रहे हैं। थोड़ा विधायकों का भी ख्याल रखिए। नेम प्लेट पर विधायकों का भी नाम लिखवा दिया करो।

गेहूं भुगतान का 30 करोड़ अभी भी बकाया
देवरिया। गेहूं खरीद तो लक्ष्य से अधिक हुई है। लेकिन किसानों का भुगतान अभी भी करीब 30 करोड़ रुपये बाकी है। पीसीएफ के डीसी का कैबिनेट मंत्री ने जमकर क्लास ली। दो दिन के अंदर हर हाल में किसानों के अकाउंट में रुपये भेजने का निर्देश दिया।

फोन नहीं उठाते एक्सईएन
देवरिया। बरहज विधायक सुरेश तिवारी ने कहा कि बरहज विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था गड़बड़ है। एक्सईएन फोन नहीं उठाते हैं और जेई बिजली कनेक्शन के नाम पर 1200 रुपये मांगते हैं। कई गांवों के ट्रांसफार्मर जले हुए हैं, लेकिन बदला नहीं जा रहा है। गांववालों को अपने साधन से स्टोर से ट्रांसफार्मर ले जाना पड़ रहा है।


अफसर मोबाइल पर दिखे व्यस्त
देवरिया। समीक्षा बैठक में पहुंचे अफसर कुछ देर बीतने के बाद मोबाइल पर अंगुलियां फेरने लगे और कुछ झपकी लेने लगे। यह देख वहां मौजूद अफसर बार-बार झपकी लेने वाले साथी को सचेत करते नजर आए। बैठक के अंत तक यह क्रम जारी रहा।
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