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विशुनपुरा पीएचसी बंद,मझौलीराज में देर से आए डॉक्टर
Updated Mon, 25 Sep 2017 11:32 PM IST
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नीलांबुज मिश्र
देवरिया। सलेमपुर सीएचसी और इसके अंतर्गत आने वाली पीएचसी जहां डॉक्टरों की कमी से जूझ रही है। वहीं कर्मचारियों की मनमानी से अधिकांश पीएचसी केंद्रों का समय से ताला नहीं खुल रहा है। इसकी वजह से सरकारी अस्पतालों में एक रुपये में इलाज का दावा खोखला साबित हो रहा है। पेश है ‘अमर उजाला’ का लाइव रिपोर्ट।
सलेमपुर सीएचसी का ताला 3.30 बजे खुला। डॉक्टर राजेश कुमार, डॉ. सुरेंद्र सिंह और वीके मिश्र ओपीडी में मरीजों को देेख रहे थे। वहीं दंत सहायक की कुर्सी खाली थी। हरिश्चंद्र कोड़रा गांव की पिंकी, विंदवलिया की रानी, पिपरा नाजी की पिंकी सहित 36 लोग इलाज के लिए पर्ची काउंटर पर रजिस्ट्रेशन कराया था। वहीं डॉ. सुमन गुप्ता कई दिनों से ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। विशुनपुरा पीएचसी पर वार्ड ब्वाय श्रीराम सिंह तैनात हैं और सोमवार व गुरुवार डॉ. अरशद की तैनाती की गई है। सुबह 9.40 बजे तक पीएचसी केंद्र का ताला नहीं खुला था। सहला से इलाज के लिए आए रामनक्षत्र डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। 10 बजे मझौलीराज पीएचसी केंद्र पर फार्मेसिस्ट रामनरायन चौरसिया, रजनीश प्रताप बघेल एलए, रामजीत प्रसाद चौकीदार मौजूद थे। 10.10 बजे डॉक्टर मो. मतीउल्लाह पहुंचे। विलंब से आने की वजह से गोरखपुर से आना जाना बताए। कर्मचारियों ने बताया कि यहां पीने के लिए घर पानी लेकर आना पड़ता है। पानी टंकी से दूषित जल आता है और कैंपस में नलका नहीं है। इसके लिए कई बार विभागीय अफसरों और एसडीएम से कहा गया। यहीं हाल न्यू पीएचसी केंद्र पयासी और पड़री बाजार का भी है। यहां पर भी कर्मचारियों की मनमानी से इलाज के लिए पहुंचने वालों को दिक्कतें होती है। सलेमपुर सीएचसी के चिकित्साधीक्षक की माने तो सीएचसी पर आठ डॉक्टरों का पद है। लेकिन मात्र तीन डॉक्टर तैनात है। इसकी वजह से इलाज में दिक्कत उठानी पड़ती है। प्रत्येक दिन 400 से 500 ओपीडी में रोगी आते है। सीएमओ डॉ. रामनिवास ने बताया कि समय से ड्यूटी पर नहीं जाना गंभीर बात है। मामले की जांच कराकर लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
कई दिनों से पीएचसी का नहीं खुला ताला
देवरिया। विशुनपुरा गांव वालों की माने तो पीएचसी का ताला खुले कई दिन हो गया। यहां तैनात वार्ड ब्वाय की मनमानी से अस्पताल नहीं खुलता है। इसके चलते लोगों को सलेमपुर सीएचसी पर इलाज के लिए जाना पड़ता है। लंबे दिनों से सलेमपुर में तैनात वार्ड ब्वाय श्रीराम सिंह सीएचसी कैंपस में रहता है।
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देवरिया। सलेमपुर सीएचसी और इसके अंतर्गत आने वाली पीएचसी जहां डॉक्टरों की कमी से जूझ रही है। वहीं कर्मचारियों की मनमानी से अधिकांश पीएचसी केंद्रों का समय से ताला नहीं खुल रहा है। इसकी वजह से सरकारी अस्पतालों में एक रुपये में इलाज का दावा खोखला साबित हो रहा है। पेश है ‘अमर उजाला’ का लाइव रिपोर्ट।
सलेमपुर सीएचसी का ताला 3.30 बजे खुला। डॉक्टर राजेश कुमार, डॉ. सुरेंद्र सिंह और वीके मिश्र ओपीडी में मरीजों को देेख रहे थे। वहीं दंत सहायक की कुर्सी खाली थी। हरिश्चंद्र कोड़रा गांव की पिंकी, विंदवलिया की रानी, पिपरा नाजी की पिंकी सहित 36 लोग इलाज के लिए पर्ची काउंटर पर रजिस्ट्रेशन कराया था। वहीं डॉ. सुमन गुप्ता कई दिनों से ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। विशुनपुरा पीएचसी पर वार्ड ब्वाय श्रीराम सिंह तैनात हैं और सोमवार व गुरुवार डॉ. अरशद की तैनाती की गई है। सुबह 9.40 बजे तक पीएचसी केंद्र का ताला नहीं खुला था। सहला से इलाज के लिए आए रामनक्षत्र डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे। 10 बजे मझौलीराज पीएचसी केंद्र पर फार्मेसिस्ट रामनरायन चौरसिया, रजनीश प्रताप बघेल एलए, रामजीत प्रसाद चौकीदार मौजूद थे। 10.10 बजे डॉक्टर मो. मतीउल्लाह पहुंचे। विलंब से आने की वजह से गोरखपुर से आना जाना बताए। कर्मचारियों ने बताया कि यहां पीने के लिए घर पानी लेकर आना पड़ता है। पानी टंकी से दूषित जल आता है और कैंपस में नलका नहीं है। इसके लिए कई बार विभागीय अफसरों और एसडीएम से कहा गया। यहीं हाल न्यू पीएचसी केंद्र पयासी और पड़री बाजार का भी है। यहां पर भी कर्मचारियों की मनमानी से इलाज के लिए पहुंचने वालों को दिक्कतें होती है। सलेमपुर सीएचसी के चिकित्साधीक्षक की माने तो सीएचसी पर आठ डॉक्टरों का पद है। लेकिन मात्र तीन डॉक्टर तैनात है। इसकी वजह से इलाज में दिक्कत उठानी पड़ती है। प्रत्येक दिन 400 से 500 ओपीडी में रोगी आते है। सीएमओ डॉ. रामनिवास ने बताया कि समय से ड्यूटी पर नहीं जाना गंभीर बात है। मामले की जांच कराकर लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
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कई दिनों से पीएचसी का नहीं खुला ताला
देवरिया। विशुनपुरा गांव वालों की माने तो पीएचसी का ताला खुले कई दिन हो गया। यहां तैनात वार्ड ब्वाय की मनमानी से अस्पताल नहीं खुलता है। इसके चलते लोगों को सलेमपुर सीएचसी पर इलाज के लिए जाना पड़ता है। लंबे दिनों से सलेमपुर में तैनात वार्ड ब्वाय श्रीराम सिंह सीएचसी कैंपस में रहता है।
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