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अव्यवस्था के बीच किसानों को मिला ऋण माफी प्रमाण पत्र
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:11 PM IST
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देवरिया। फसल ऋण मोचन योजना के तहत कर्जमाफी का प्रमाण पत्र लेने पहुंचे किसानों को धूप में भूख और प्यास के लिए परेशान होना पड़ा। अव्यवस्था के बीच किसानों को ऋण माफी प्रमाण पत्र दिया गया। मंगलवार को पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे किसानों से बातचीत का प्रमुख अंश।
क्षेत्रीय नेताओं की मदद से वह सुबह 9 बजे से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे। टेंट में लगी कुर्सियों पर उमस भरी गर्मी के बीच किसान काफी देर तक बैठे रहे। गर्मी इतनी तेज थी कि परेशान किसान पेड़ के नीचे चले गए। एक बजे अफसरों की ओर से दो केला और एक बिस्किट का पैकेट वितरण होना शुरू हुआ। साथ में पानी का छोटा बोतल भी। लेकिन सभी किसानों को यह मय्यसर नहीं हो सका। इस व्यवस्था से नाखुश किसान खैरटिया गांव के सर्वजीत, अड़िला के राजेन्द्र उपाध्याय, बरवा के चुम्मन और तूफानी प्रसाद ने कहा कि सुबह 9 बजे से ही यहां पर बुला लिया गया और पांच घंटे इंतजार के बाद प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल आई। भूख से जान जा रही है। पानी का कोई इंतजाम नहीं है। यह किसानों के साथ मजाक है।
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क्षेत्रीय नेताओं की मदद से वह सुबह 9 बजे से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे। टेंट में लगी कुर्सियों पर उमस भरी गर्मी के बीच किसान काफी देर तक बैठे रहे। गर्मी इतनी तेज थी कि परेशान किसान पेड़ के नीचे चले गए। एक बजे अफसरों की ओर से दो केला और एक बिस्किट का पैकेट वितरण होना शुरू हुआ। साथ में पानी का छोटा बोतल भी। लेकिन सभी किसानों को यह मय्यसर नहीं हो सका। इस व्यवस्था से नाखुश किसान खैरटिया गांव के सर्वजीत, अड़िला के राजेन्द्र उपाध्याय, बरवा के चुम्मन और तूफानी प्रसाद ने कहा कि सुबह 9 बजे से ही यहां पर बुला लिया गया और पांच घंटे इंतजार के बाद प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल आई। भूख से जान जा रही है। पानी का कोई इंतजाम नहीं है। यह किसानों के साथ मजाक है।
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