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दुबारा रैपिड सर्वे में बढ़ गई सामान्य जातियों की संख्या
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:03 PM IST
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आसिफ इकबाल
देवरिया। नगरीय निकायों में दुबारा रैपिड सर्वे में सामान्य जातियों की संख्या बढ़ गई है। अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों की संख्या कम हो गई है। गौरीबाजार में 3.84 और भाटपाररानी में .001 प्रतिशत की कमी आई है। वार्डों की आबादी में भी पिछड़ी जातियों की संख्या कम मिली है। ओबीसी की रैपिड सर्वे के आधार पर निकाय और वार्डों में आरक्षण तय होना है। कलेक्ट्रेट, एसडीएम के अलावा निकाय दफ्तरों में 28 जुलाई तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अन्य पिछड़ी जातियों के रैपिड सर्वें में धांधली के आरोप पर गंभीर रुख अख्तियार किया। इसके बाद नगरीय निकाय विभाग में हड़कंप मच गया। महकमे ने नगरीय निकायों में दुबारा रैपिड सर्वे शुरू कराया। सभी निकायों में ओबीसी की संख्या में कमी दर्ज हुई है। इसके चलते पहले हुए रैपिड सर्वे पर सवाल उठ रहे हैं। निकाय दफ्तरों में शुक्रवार को इसकी रिपोर्ट प्रकाशित कर निदेशालय को भेज दी गई। गौरीबाजार में 3.84, बरियारपुर में 3.46, लार में 3.16, भटनी में 2.71, सलेमपुर में 1.71, रुद्रपुर में 1.69, मझौलीराज में 1.19, बरहज में .88, रामपुर कारखाना में .20 और भाटपाररानी में .001 प्रतिशत की कमी आई है।
यह है ओबीसी का ब्योरा
रामपुर कारखाना में 81.76, बरियारपुर में 73.59, लार में 60.87, भाटपाररानी में 58.30, भटनी में 57.26, बरहज में 57, गौरीबाजार में 52.34, मझौलीराज में 51.70, सलेमपुर में 45.97, रुद्रपुर में 44.21, देवरिया में 40.59 प्रतिशत आबादी अन्य पिछड़ी जातियों की है।
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पहले सर्वे का यह है आंकड़ा
रामपुर कारखाना में 81.96, बरियारपुर में 77.05, लार में 64.03, भटनी में 59.97, भटनी में 59.97, भाटपाररानी में 58.31, गौरीबाजार में 56.28, बरहज में 56.12, मझौलीराज में 52.89, सलेमपुर में 47.68, रुद्रपुर में 44.92 और देवरिया में 42.52 प्रतिशत अन्य पिछड़ी जातियों की आबादी हैं।
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देवरिया। नगरीय निकायों में दुबारा रैपिड सर्वे में सामान्य जातियों की संख्या बढ़ गई है। अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों की संख्या कम हो गई है। गौरीबाजार में 3.84 और भाटपाररानी में .001 प्रतिशत की कमी आई है। वार्डों की आबादी में भी पिछड़ी जातियों की संख्या कम मिली है। ओबीसी की रैपिड सर्वे के आधार पर निकाय और वार्डों में आरक्षण तय होना है। कलेक्ट्रेट, एसडीएम के अलावा निकाय दफ्तरों में 28 जुलाई तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अन्य पिछड़ी जातियों के रैपिड सर्वें में धांधली के आरोप पर गंभीर रुख अख्तियार किया। इसके बाद नगरीय निकाय विभाग में हड़कंप मच गया। महकमे ने नगरीय निकायों में दुबारा रैपिड सर्वे शुरू कराया। सभी निकायों में ओबीसी की संख्या में कमी दर्ज हुई है। इसके चलते पहले हुए रैपिड सर्वे पर सवाल उठ रहे हैं। निकाय दफ्तरों में शुक्रवार को इसकी रिपोर्ट प्रकाशित कर निदेशालय को भेज दी गई। गौरीबाजार में 3.84, बरियारपुर में 3.46, लार में 3.16, भटनी में 2.71, सलेमपुर में 1.71, रुद्रपुर में 1.69, मझौलीराज में 1.19, बरहज में .88, रामपुर कारखाना में .20 और भाटपाररानी में .001 प्रतिशत की कमी आई है।
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यह है ओबीसी का ब्योरा
रामपुर कारखाना में 81.76, बरियारपुर में 73.59, लार में 60.87, भाटपाररानी में 58.30, भटनी में 57.26, बरहज में 57, गौरीबाजार में 52.34, मझौलीराज में 51.70, सलेमपुर में 45.97, रुद्रपुर में 44.21, देवरिया में 40.59 प्रतिशत आबादी अन्य पिछड़ी जातियों की है।
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पहले सर्वे का यह है आंकड़ा
रामपुर कारखाना में 81.96, बरियारपुर में 77.05, लार में 64.03, भटनी में 59.97, भटनी में 59.97, भाटपाररानी में 58.31, गौरीबाजार में 56.28, बरहज में 56.12, मझौलीराज में 52.89, सलेमपुर में 47.68, रुद्रपुर में 44.92 और देवरिया में 42.52 प्रतिशत अन्य पिछड़ी जातियों की आबादी हैं।