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देवरिया पहुंची अपर मुख्य सचिव और एडीजी, जांच की
Updated Mon, 06 Aug 2018 11:50 PM IST
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जिला महिला अस्पताल के सीएमएस कक्ष से जांच पडताल कर बाहर आती प्रमुख सचीव रेणुका कुमार एवं एडीजी अंजु गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बालिका गृह में रह रही लड़कियों से देह व्यापार कराने व यौन उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार व एडीजी अंजू गुप्ता की दो सदस्यीय टीम सोमवार शाम को देवरिया पहुंची। उनकी कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कक्ष में दो घंटे तक अफसरों के साथ बैठक हुई। इसके बाद टीम महिला अस्पताल रवाना हुई। वहां बालिकाओं के मेडिकल परीक्षण के बारे में जानकारी ली और कई बालिकाओं से घटना के बारे में पूछताछ भी की। हालांकि उन्होंने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार किया है। अपर मुख्य सचिव का कहना था कि प्रकरण की अभी जांच चल रही है। लिहाजा वह कोई कमेंट नहीं करेंगी। देर शाम तक टीम यहीं जमी रही।
रविवार की रात पुलिस ने मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान के स्टेशन रोड पर संचालित बालगृह बालिका व रजला में नारी संरक्षण केंद्र पर छापामारी कर 24 लड़कियों को मुक्त कराया था। दावा किया था कि यहां रह रही कई लड़कियों से देह व्यापार व अन्य अनैतिक कार्य कराए जाते हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद शासन ने मामले की जांच के आदेश देते हुए अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार व एडीजी अंजू गुप्ता की दो सदस्यीय टीम गठित की। रविवार की शाम करीब साढ़े तीन बजे टीम हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंची। यहां से सीधे कलेक्ट्रेट आई और डीएम सुजीत कुमार, एसपी रोहन पी कनय, सीडीओ राजेश त्यागी व अन्य अफसरों से पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकार ली। टीम ने संस्था से जुड़े अभिलेखों को भी खंगाला। करीब दो घंटे तक गोपनीय बैठक के बाद टीम सीधे महिला अस्पताल पहुंची। यहां सीएमएस कक्ष में बालिकाओं की मेडिकल रिपोर्ट के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। शाम करीब साढ़े छह बजे बाहर आईं रेणुका कुमार ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अभी मामले की जांच चल रही है। एक-एक लड़कियों से बातचीत व स्थिति देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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रविवार की रात पुलिस ने मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान के स्टेशन रोड पर संचालित बालगृह बालिका व रजला में नारी संरक्षण केंद्र पर छापामारी कर 24 लड़कियों को मुक्त कराया था। दावा किया था कि यहां रह रही कई लड़कियों से देह व्यापार व अन्य अनैतिक कार्य कराए जाते हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद शासन ने मामले की जांच के आदेश देते हुए अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार व एडीजी अंजू गुप्ता की दो सदस्यीय टीम गठित की। रविवार की शाम करीब साढ़े तीन बजे टीम हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन पहुंची। यहां से सीधे कलेक्ट्रेट आई और डीएम सुजीत कुमार, एसपी रोहन पी कनय, सीडीओ राजेश त्यागी व अन्य अफसरों से पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकार ली। टीम ने संस्था से जुड़े अभिलेखों को भी खंगाला। करीब दो घंटे तक गोपनीय बैठक के बाद टीम सीधे महिला अस्पताल पहुंची। यहां सीएमएस कक्ष में बालिकाओं की मेडिकल रिपोर्ट के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। शाम करीब साढ़े छह बजे बाहर आईं रेणुका कुमार ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अभी मामले की जांच चल रही है। एक-एक लड़कियों से बातचीत व स्थिति देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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