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दर्जा अंग्रेजी माध्यम का, हिंदी की किताबों से चल रही पढ़ाई
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:45 PM IST
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दर्जा अंग्रेजी का, हिंदी की किताबों से हो रही पढ़ाई
कान्वेंट की तर्ज पर संचालित परिषदीय स्कूलों का हाल
नए सत्र में अब तक नहीं पहुंची हैं अंग्रेजी की किताबें
जिले के 90 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अब तक 130 शिक्षक भी नहीं मिले
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। परिषदीय स्कूलों में कान्वेंट को टक्कर देने वाली शिक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए सरकार ने इस सत्र से 90 स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू कराई है। चयनित स्कूलों में अप्रैल से ही पढ़ाई शुरू हो चुकी है, मगर अब तक वहां अंग्रेजी माध्यम की किताबें ही नहीं पहुंच सकी हैं। बच्चे मौखिक ज्ञान ले रहे हैं या फिर पुरानी हिंदी माध्यम की किताबों से ही पढ़ाई चल रही है। इन स्कूलों में मानक के सापेक्ष 130 शिक्षक भी अब तक नहीं ढूंढे जा सके हैं। अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र से चयनित स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई सुचारु रूप से चले, इसके लिए शासन ने फरवरी से ही प्रक्रिया शुरू कर दी थी। प्रधानाचार्य, सहायक अध्यापक का चयन कर प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें स्कूल आवंटित किए गए। पूरे जिले से चयनित 90 स्कूलों का कागजों में संचालन भी शुरू कर दिया गया, मगर सबसे मूल जरूरत किताबें ही नहीं दी जा सकी है। इन स्कूलों में शिक्षकों का भी टोटा है। मानक के तहत प्रत्येक स्कूल में एक प्रधानाध्यापक और चार शिक्षकों का पद है। इसके सापेक्ष तमाम कोशिशों के बाद भी 89 प्रधानाध्यापक और 230 शिक्षक ही मिल पाए हैं। यानी एक प्रधानाध्यापक और 130 शिक्षकों का अब भी टोटा है।
हिंदी माध्यम के स्कूलों में भी पुरानी किताबें
जिले के परिषदीय स्कूलों में अभी तक किताबों का वितरण नहीं हुआ है, जबकि पड़ोसी जनपद गोरखपुर में किताबों, बैग आदि का वितरण हो चुका है। नई किताबें नहीं मिलने से बच्चे पुराने छात्रों से ही किताबें लेकर पढ़ रहे हैं।
प्राथमिकता में है अंग्रेजी माध्यम के स्कूल
अंग्रेजी माध्यम स्कूल सरकार की प्राथमिकता में है। इन स्कूलों में इसी माध्यम से उत्तीर्ण अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। जल्द ही किताबों का क्रय शुरू हो जाएगा। समय से किताबें पहुंचाने का भी बंदोबस्त किया जा रहा है। शीघ्र ही सभी बीईओ के साथ बैठक कर इन स्कूलों के संचालन में आ रही समस्या को दुरुस्त कराया जाएगा।
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- संतोष देव पांडेय, बीएसए देवरिया।
हाईलाइटर...
* 90 स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से चल रही पढ़ाई।
* 89 प्रधानाध्यापक ही हो सके हैं तैनात।
* 130 शिक्षकों का भी है पद रिक्त।
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कान्वेंट की तर्ज पर संचालित परिषदीय स्कूलों का हाल
नए सत्र में अब तक नहीं पहुंची हैं अंग्रेजी की किताबें
जिले के 90 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अब तक 130 शिक्षक भी नहीं मिले
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। परिषदीय स्कूलों में कान्वेंट को टक्कर देने वाली शिक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए सरकार ने इस सत्र से 90 स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू कराई है। चयनित स्कूलों में अप्रैल से ही पढ़ाई शुरू हो चुकी है, मगर अब तक वहां अंग्रेजी माध्यम की किताबें ही नहीं पहुंच सकी हैं। बच्चे मौखिक ज्ञान ले रहे हैं या फिर पुरानी हिंदी माध्यम की किताबों से ही पढ़ाई चल रही है। इन स्कूलों में मानक के सापेक्ष 130 शिक्षक भी अब तक नहीं ढूंढे जा सके हैं। अप्रैल से शुरू हुए नए सत्र से चयनित स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई सुचारु रूप से चले, इसके लिए शासन ने फरवरी से ही प्रक्रिया शुरू कर दी थी। प्रधानाचार्य, सहायक अध्यापक का चयन कर प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें स्कूल आवंटित किए गए। पूरे जिले से चयनित 90 स्कूलों का कागजों में संचालन भी शुरू कर दिया गया, मगर सबसे मूल जरूरत किताबें ही नहीं दी जा सकी है। इन स्कूलों में शिक्षकों का भी टोटा है। मानक के तहत प्रत्येक स्कूल में एक प्रधानाध्यापक और चार शिक्षकों का पद है। इसके सापेक्ष तमाम कोशिशों के बाद भी 89 प्रधानाध्यापक और 230 शिक्षक ही मिल पाए हैं। यानी एक प्रधानाध्यापक और 130 शिक्षकों का अब भी टोटा है।
हिंदी माध्यम के स्कूलों में भी पुरानी किताबें
जिले के परिषदीय स्कूलों में अभी तक किताबों का वितरण नहीं हुआ है, जबकि पड़ोसी जनपद गोरखपुर में किताबों, बैग आदि का वितरण हो चुका है। नई किताबें नहीं मिलने से बच्चे पुराने छात्रों से ही किताबें लेकर पढ़ रहे हैं।
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प्राथमिकता में है अंग्रेजी माध्यम के स्कूल
अंग्रेजी माध्यम स्कूल सरकार की प्राथमिकता में है। इन स्कूलों में इसी माध्यम से उत्तीर्ण अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। जल्द ही किताबों का क्रय शुरू हो जाएगा। समय से किताबें पहुंचाने का भी बंदोबस्त किया जा रहा है। शीघ्र ही सभी बीईओ के साथ बैठक कर इन स्कूलों के संचालन में आ रही समस्या को दुरुस्त कराया जाएगा।
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- संतोष देव पांडेय, बीएसए देवरिया।
हाईलाइटर...
* 90 स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से चल रही पढ़ाई।
* 89 प्रधानाध्यापक ही हो सके हैं तैनात।
* 130 शिक्षकों का भी है पद रिक्त।