{"_id":"5a5644824f1c1b50308b4840","slug":"131515603074-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल निगम कर्मियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल निगम कर्मियों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 10 Jan 2018 10:39 PM IST
विज्ञापन
शहर के सिविल लाइंस रोड पर जल निगम कर्मचारियो ने प्रदर्शन कर विरोध जताया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। सप्तम वेतनमान और पेंशन आदि की मांगों को लेकर जल निगम कर्मचारियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। इसके पहले कर्मचारियों ने जुलूस निकाला। मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि मांगे पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जल निगम समन्वय समिति के आह्वान पर बुधवार को कर्मचारियों की जुटान जल निगम के अधिशासी अभियंता कार्यालय पर हुई। यहां से कर्मचारियों ने जुलूस निकाला। शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ जुलूस पुन: जल निगम कार्यालय पहुंचा। कर्मचारियों ने प्रदर्शन करने के बाद धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में सिर्फ 10 प्रतिशत लोगों को ही शुद्ध पेयजल मिल पा रहा है। छह करोड़ शहरी आबादी में 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा उपलब्ध है। शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप के रीबोरिंग का कार्य पंचायतों को दी है। प्रवक्ता अरविंद कुमार ने कहा कि अन्न, जल और वायु के प्रदूषण के लिए पैदा हो रहे भयावह खतरे से निजात के लिए जल निगम का सुचारू रूप से कार्य करना बेहद जरूरी है। वर्तमान में प्रदेश में जल निगम से संबंधित सेवाओं की हालत खराब है। सह प्रवक्ता आनंद वर्धन मिश्र ने कहा कि कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
जल निगम समन्वय समिति के आह्वान पर बुधवार को कर्मचारियों की जुटान जल निगम के अधिशासी अभियंता कार्यालय पर हुई। यहां से कर्मचारियों ने जुलूस निकाला। शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ जुलूस पुन: जल निगम कार्यालय पहुंचा। कर्मचारियों ने प्रदर्शन करने के बाद धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की 17 करोड़ आबादी में सिर्फ 10 प्रतिशत लोगों को ही शुद्ध पेयजल मिल पा रहा है। छह करोड़ शहरी आबादी में 20 प्रतिशत लोगों को सीवर, ड्रेनेज की सुविधा उपलब्ध है। शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंप के रीबोरिंग का कार्य पंचायतों को दी है। प्रवक्ता अरविंद कुमार ने कहा कि अन्न, जल और वायु के प्रदूषण के लिए पैदा हो रहे भयावह खतरे से निजात के लिए जल निगम का सुचारू रूप से कार्य करना बेहद जरूरी है। वर्तमान में प्रदेश में जल निगम से संबंधित सेवाओं की हालत खराब है। सह प्रवक्ता आनंद वर्धन मिश्र ने कहा कि कर्मचारियों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन