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ठेकेदार ने खड़े किए हाथ, निवाला पर संकट
Updated Thu, 31 Aug 2017 11:04 PM IST
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आसिफ इकबाल
देवरिया। आफत का सैलाब झेल रहे कछारवासियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राहत सामग्री बांटने वाली फर्म ने एक सितंबर से राहत पैकेट नहीं बांटने की चेतावनी दी है। भुगतान नहीं होने से फर्म यह करने पर मजबूर हुई है। रुपये की कमी का आलम यह है कि 10 हजार तिरपाल नहीं बांटे जा सके हैं।
जिले के रुद्रपुर और बरहज इलाके की नदियों में सैलाब आया है। इसके चलते 83994 आबादी प्रभावित है। इसमें 13387 परिवार शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने बाढ़ राहत कोष में 6.20 करोड़ रुपये आवंटित कर दिया है। पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांटने के लिए पुरवा चौराहे की फर्म का चयन हुआ है, जो 21 अगस्त से बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का पैकेट बांट रही है। फर्म ने 29 अगस्त को 1.18 करोड़ रुपये का बिल बना कर भेज दिया है, लेकिन तीन दिन बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हो सका है। फिलहाल राहत पैकेट में 29 अगस्त से चार किलोग्राम लाई रह रही है। क्योंकि इससे अधिक लाई को बोरा में रखना मुश्किल हो रहा है। कुछ गांव में भूजा और चना भी नहीं बांटा जा सका है। ऐसा सप्लाई करने वाली गोरखपुर की फर्म को सामान नहीं मिलने से हो रहा है। फर्म ने सामान मिलने पर भूजा और चना बांटने का भरोसा दिलाया है। इस बाबत प्रोपराइटर, अरविंद राय ने बताया कि बिल बनाकर भेज दिया हूं। अब तक एक रुपये नहीं मिले हैं। कैश क्रेडिट का सारा रुपया खर्च हो चुका है। 29 अगस्त से चक्कर काट रहा हूं। रुपये नहीं होने से 10 हजार तिरपाल नहीं भेज सका।
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देवरिया। आफत का सैलाब झेल रहे कछारवासियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। राहत सामग्री बांटने वाली फर्म ने एक सितंबर से राहत पैकेट नहीं बांटने की चेतावनी दी है। भुगतान नहीं होने से फर्म यह करने पर मजबूर हुई है। रुपये की कमी का आलम यह है कि 10 हजार तिरपाल नहीं बांटे जा सके हैं।
जिले के रुद्रपुर और बरहज इलाके की नदियों में सैलाब आया है। इसके चलते 83994 आबादी प्रभावित है। इसमें 13387 परिवार शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने बाढ़ राहत कोष में 6.20 करोड़ रुपये आवंटित कर दिया है। पीड़ितों के बीच राहत सामग्री बांटने के लिए पुरवा चौराहे की फर्म का चयन हुआ है, जो 21 अगस्त से बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का पैकेट बांट रही है। फर्म ने 29 अगस्त को 1.18 करोड़ रुपये का बिल बना कर भेज दिया है, लेकिन तीन दिन बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हो सका है। फिलहाल राहत पैकेट में 29 अगस्त से चार किलोग्राम लाई रह रही है। क्योंकि इससे अधिक लाई को बोरा में रखना मुश्किल हो रहा है। कुछ गांव में भूजा और चना भी नहीं बांटा जा सका है। ऐसा सप्लाई करने वाली गोरखपुर की फर्म को सामान नहीं मिलने से हो रहा है। फर्म ने सामान मिलने पर भूजा और चना बांटने का भरोसा दिलाया है। इस बाबत प्रोपराइटर, अरविंद राय ने बताया कि बिल बनाकर भेज दिया हूं। अब तक एक रुपये नहीं मिले हैं। कैश क्रेडिट का सारा रुपया खर्च हो चुका है। 29 अगस्त से चक्कर काट रहा हूं। रुपये नहीं होने से 10 हजार तिरपाल नहीं भेज सका।
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