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कब होगा 10 करोड़ से अधिक का भुगतान
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:26 PM IST
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देवरिया। नगरीय निकायों में करोड़ों रुपये का भुगतान अटक गया है। ऐसा बोर्ड के कार्यकाल की समाप्ति का इंतजार बताया जा रहा है। 25 जुलाई से बोर्ड का कार्यकाल खत्म होने लगेंगे। मामला डीएम सुजीत कुमार के दरबार में पहुंचा है, लेकिन अधिकांश निकायों के भुगतान का मामला लंबित है। इसको लेकर अध्यक्षों में नाराजगी है।
जिले में 11 नगरीय निकाय हैं। इनमें देवरिया और बरहज नगर पालिका परिषद, रामपुर कारखाना, गौरीबाजार, रुद्रपुर, सलेमपुर, लार, मझौलीराज, भटनी और भाटपाररानी टाउन एरिया हैं। अध्यक्षों का कार्यकाल 25 जुलाई से खत्म हो रहा है जिसमें रामपुर कारखाना और रुद्रपुर शामिल हैं। इन निकायों में राज्य, 14वां वित्त के अलावा अवस्थापना निधि से सड़क, नाला, पुलिया, स्ट्रीट लाइट्स, वाटर सप्लाई, सफाई कार्य कराए गए हैं। निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद निकाय के अध्यक्षों के जरिए पीडब्ल्यूडी से वेरीफाई भी हो चुका है। इसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व के दफ्तर में फाइल पहुंचीं, लेकिन यहां से फाइल आगे नहीं बढ़ रही है। निकायों के अध्यक्षों ने कुछ दिन पहले डीएम सुजीत कुमार से मुलाकात कर समस्या बताई। अधिशासी अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की बात कही। डीएम ने भुगतान में अवरोध दूर करने की बात कही। सूत्रों के अनुसार, कुछ अध्यक्ष और ईओ के बीच तालमेल बिगड़ने से नौबत आई है।
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जिले में 11 नगरीय निकाय हैं। इनमें देवरिया और बरहज नगर पालिका परिषद, रामपुर कारखाना, गौरीबाजार, रुद्रपुर, सलेमपुर, लार, मझौलीराज, भटनी और भाटपाररानी टाउन एरिया हैं। अध्यक्षों का कार्यकाल 25 जुलाई से खत्म हो रहा है जिसमें रामपुर कारखाना और रुद्रपुर शामिल हैं। इन निकायों में राज्य, 14वां वित्त के अलावा अवस्थापना निधि से सड़क, नाला, पुलिया, स्ट्रीट लाइट्स, वाटर सप्लाई, सफाई कार्य कराए गए हैं। निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद निकाय के अध्यक्षों के जरिए पीडब्ल्यूडी से वेरीफाई भी हो चुका है। इसके बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व के दफ्तर में फाइल पहुंचीं, लेकिन यहां से फाइल आगे नहीं बढ़ रही है। निकायों के अध्यक्षों ने कुछ दिन पहले डीएम सुजीत कुमार से मुलाकात कर समस्या बताई। अधिशासी अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की बात कही। डीएम ने भुगतान में अवरोध दूर करने की बात कही। सूत्रों के अनुसार, कुछ अध्यक्ष और ईओ के बीच तालमेल बिगड़ने से नौबत आई है।
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