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उत्पीड़न पर भड़के कर्मचारी, दिया धरना
Updated Thu, 06 Jul 2017 10:19 PM IST
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देवरिया। उत्पीड़न के विरोध में राज्यकर्मियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। कहा कि सिर्फ अधिकारियों की नौ बजे कार्यालय पहुंचने की टाइमिंग तय की गई है। बावजूद इसके कर्मचारियों को नौ बजे बुलाकर उनका उत्पीड़न किया रहा है। यदि समय 10 बजे नहीं किया गया तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। बाद में मुख्य सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश व्यापी आह्वान पर कर्मचारी सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए। इसके बाद धरने पर बैठ गए। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय और संचालन मंत्री महेंद्र जायसवाल ने किया। परिषद के संरक्षक केएन राय और जयनारायण यादव ने कहा कि तत्कालीन मुख्य सचिव ने सात जुलाई-1975 के पत्र में विस्तृत दिशा-निर्देश दिया है कि कर्मचारी प्रात: 10 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर शासकीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे। इसके बावजूद जिले के अधिकारी कर्मचारियों को सुबह नौ बजे कार्यालय आने पर मजबूर कर रहे हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम उपाध्याय ने कहा कि मुख्य सचिव कर्मचारियों की टाइमिंग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं जारी करते हैं तो परिषद बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान गिरिजेश चंद श्रीवास्तव, देवकांत मणि, सतीश शुक्ला, रामकेवल यादव आदि मौजूद रहे।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश व्यापी आह्वान पर कर्मचारी सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए। इसके बाद धरने पर बैठ गए। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय और संचालन मंत्री महेंद्र जायसवाल ने किया। परिषद के संरक्षक केएन राय और जयनारायण यादव ने कहा कि तत्कालीन मुख्य सचिव ने सात जुलाई-1975 के पत्र में विस्तृत दिशा-निर्देश दिया है कि कर्मचारी प्रात: 10 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर शासकीय दायित्वों का निर्वहन करेंगे। इसके बावजूद जिले के अधिकारी कर्मचारियों को सुबह नौ बजे कार्यालय आने पर मजबूर कर रहे हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम उपाध्याय ने कहा कि मुख्य सचिव कर्मचारियों की टाइमिंग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं जारी करते हैं तो परिषद बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान गिरिजेश चंद श्रीवास्तव, देवकांत मणि, सतीश शुक्ला, रामकेवल यादव आदि मौजूद रहे।
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