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नरकीय जिंदगी जी रहे बाढ़ पीड़ित
Updated Tue, 29 Aug 2017 11:40 PM IST
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बरहज। घाघरा नदी में आए सैलाब से परसियां-विशुनपुर देवार सहित नदी के तटवर्ती गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। अधिकांश गांवों में बाढ़ का पानी घरों में स्थान बना चुका है। बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी नरक जैसी हो गई है।
करीब 20 दिनों पहले घाघरा के जलस्तर में अचानक आई तेजी से नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर एक मीटर 45 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगा था। नदी के किनारे बसे परसियां-विशुनपुर देवार के 25 टोलों सहित दर्जनों गांव बाढ़ की जद में हैं। प्रशासन ने बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम के लिए 44 नावें आदि की व्यवस्था की है। प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी उपलब्ध कराया है। पीड़ितों की मानें तो कहना है कि चारों तरफ पानी होने और जलौनी भीग जाने से भोजन बनाने की समस्या खड़ी हो गई है, लेकिन पेट के लिए लोग नाव से जान जोखिम में डाल अपनों के लिए दो जून की रोटी की व्यवस्था कर रहे है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में करीब सात सेंटीमीटर की कमी आई है। लोग भगवान से पानी हटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
बाढ़ सुरक्षा चौकी बना जुआरियों का अड्डा
लोगों की मानें तो कपरवार-रुद्रपुर मार्ग पर स्थित सहकारी मिनी बैंक पर बनाए गए बाढ़ चौकी पर ताला लगा होने से जुआरियों के लिए महफूज अड्डा बन गया है। जहां जुआरी सुबह से शाम तक दांव लगाते देखे जा सकते हैं। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मिनी बैंक पर सुरक्षा चौकी बनाई गई है। फिलहाल सुरक्षा कर्मियों को गांवों पर नजर रखते हुए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है।
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करीब 20 दिनों पहले घाघरा के जलस्तर में अचानक आई तेजी से नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर एक मीटर 45 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगा था। नदी के किनारे बसे परसियां-विशुनपुर देवार के 25 टोलों सहित दर्जनों गांव बाढ़ की जद में हैं। प्रशासन ने बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम के लिए 44 नावें आदि की व्यवस्था की है। प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भी उपलब्ध कराया है। पीड़ितों की मानें तो कहना है कि चारों तरफ पानी होने और जलौनी भीग जाने से भोजन बनाने की समस्या खड़ी हो गई है, लेकिन पेट के लिए लोग नाव से जान जोखिम में डाल अपनों के लिए दो जून की रोटी की व्यवस्था कर रहे है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में करीब सात सेंटीमीटर की कमी आई है। लोग भगवान से पानी हटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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बाढ़ सुरक्षा चौकी बना जुआरियों का अड्डा
लोगों की मानें तो कपरवार-रुद्रपुर मार्ग पर स्थित सहकारी मिनी बैंक पर बनाए गए बाढ़ चौकी पर ताला लगा होने से जुआरियों के लिए महफूज अड्डा बन गया है। जहां जुआरी सुबह से शाम तक दांव लगाते देखे जा सकते हैं। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मिनी बैंक पर सुरक्षा चौकी बनाई गई है। फिलहाल सुरक्षा कर्मियों को गांवों पर नजर रखते हुए मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है।
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