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पानी की कहर से बेघर हुए लोग,डूबा आशियाना
Updated Sun, 20 Aug 2017 09:59 PM IST
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गोविंद यादव
मेहरौनाघाट। उफनाई घाघरा और सरयू ने गांवों की ओर रुख कर दिया है। पानी की कहर से प्रभावितों की शरणस्थली नदी का बांध बन गया है। नदियों की गड़गड़ाहट के बीच लोग रतजगा कर रहे हैं। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों को खाली करने का सिर्फ फरमान जारी किया है। रहने के लिए कोई इंतजाम नहीं।
नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तटवर्ती गांववालों की बेचैनी बढ़ गई है। मलहपुरवा टोले के लोग आसमान तले बंधे पर रात गुजार रहे हैं। नाव से सहारे जरूरत के सामान घरों से निकाल कर सुरक्षित स्थान ले जाना शुरू कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक बाढ़ पीड़ितों को रहने के लिए कोई स्थान तय नहीं किया गया है। मवेशियों के साथ बंधे पर रह रहे प्रभावितों ने प्रशासन से बाढ़ से बचाव और रहने के लिए सुरक्षित ठौर का इंतजाम करने की मांग की। रामजी प्रसाद, गायत्री देवी, दुलारी देवी, पुष्पा देवी कहती हैं कि नदियों की गड़गड़ाहट के बीच किसी तरह रात कट रही है। जान आफत में पड़ी है। अफसर आ रहे हैं और घर खाली करने की बात कह कर चले जा रहे हैं। ऐसे में गांववाले जाएं तो जाएं कहां। मलहपुरवा टोले पर दो तरफ से नदी का दबाव बना हुआ है। डुमरी गांव में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है।
अफसरों ने लोगों को किया अलर्ट
तहसीलदार ओमप्रकाश के नेतृत्व में अफसरों ने गढ़वा खास, रतनपुरा, मेहरौना, मानीकपुर, पिंडी, खेमादेई, खरवनिया आदि गांवों का दौरा किया। तटवर्ती गांव के लोगों को अफसरों ने सतर्क करते हुए जरूरत की सामानों के साथ अलर्ट रहने की बात कही। गांव वालों ने अफसरों से बाढ़ से बचाव के लिए इंतजाम की बात कही।
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मेहरौनाघाट। उफनाई घाघरा और सरयू ने गांवों की ओर रुख कर दिया है। पानी की कहर से प्रभावितों की शरणस्थली नदी का बांध बन गया है। नदियों की गड़गड़ाहट के बीच लोग रतजगा कर रहे हैं। प्रशासन ने तटवर्ती गांवों को खाली करने का सिर्फ फरमान जारी किया है। रहने के लिए कोई इंतजाम नहीं।
नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तटवर्ती गांववालों की बेचैनी बढ़ गई है। मलहपुरवा टोले के लोग आसमान तले बंधे पर रात गुजार रहे हैं। नाव से सहारे जरूरत के सामान घरों से निकाल कर सुरक्षित स्थान ले जाना शुरू कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक बाढ़ पीड़ितों को रहने के लिए कोई स्थान तय नहीं किया गया है। मवेशियों के साथ बंधे पर रह रहे प्रभावितों ने प्रशासन से बाढ़ से बचाव और रहने के लिए सुरक्षित ठौर का इंतजाम करने की मांग की। रामजी प्रसाद, गायत्री देवी, दुलारी देवी, पुष्पा देवी कहती हैं कि नदियों की गड़गड़ाहट के बीच किसी तरह रात कट रही है। जान आफत में पड़ी है। अफसर आ रहे हैं और घर खाली करने की बात कह कर चले जा रहे हैं। ऐसे में गांववाले जाएं तो जाएं कहां। मलहपुरवा टोले पर दो तरफ से नदी का दबाव बना हुआ है। डुमरी गांव में बाढ़ का पानी घुसना शुरू हो गया है।
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अफसरों ने लोगों को किया अलर्ट
तहसीलदार ओमप्रकाश के नेतृत्व में अफसरों ने गढ़वा खास, रतनपुरा, मेहरौना, मानीकपुर, पिंडी, खेमादेई, खरवनिया आदि गांवों का दौरा किया। तटवर्ती गांव के लोगों को अफसरों ने सतर्क करते हुए जरूरत की सामानों के साथ अलर्ट रहने की बात कही। गांव वालों ने अफसरों से बाढ़ से बचाव के लिए इंतजाम की बात कही।
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