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फिजा में गूंजा सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा...
Updated Sun, 13 Aug 2017 10:32 PM IST
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देवरिया। जमीअत उलेमा ए हिन्द ने शहर में अमन मार्च निकाला। सांप्रदायिक ताकतों को मुंहतोड़ जवाब और हिंदू-मुस्लिम एकता पर जोर दिया। भीड़ के जरिए कथित कत्ल के मुद्दे पर सेकुलर दलों की चुप्पी पर सवाल उठाया। कहा कि दरअसल यह चंद लोगों की करतूत होती है। राज्यपाल को संबोधित मांगपत्र एसडीएम सदर को दिया।
शहर के अमन गेट से रविवार को 10.30 बजे से युवाओं और बुजुर्गों का हुजूम निकला। हाथों में शांति का अपील वाले झंडों को लेकर बच्चे चल रहे थे। लाउडस्पीकर के जरिए सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा... गूंज रहा था। इसके चलते माहौल देशभक्ति से लबरेज हो गया। जुलूस रेलवे पुलिस चौकी, तहसील चौक, नगर पालिका परिषद, कोऑपरेटिव चौराहा, सिविललाइंस, सुभाष चौक होते हुए मालवीय रोड ईदगाह के गेट पर पहुंचा। यहां पर सभा में तब्दील हो गया। मदरसों के छात्रों ने देश भक्ति पर आधारित गीत गुनगुनाया। संरक्षक शकील अहमद सिद्दीकी ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर भीड़ के जरिए हत्या का दावा किया जाता है लेकिन घटना में चंद लोग शामिल रहते हैं। सोशल मीडिया से स्पष्ट हो चुका है। आम लोग महज तमाशबीन रहते हैं वह लोग निंदा करते हैं। बिस्मिल्लाह मुन्ना लारी ने कहा कि देश में नफरत को बढ़ाने के लिए कुछ ताकते सक्रिय हैं। देशवासी ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगे। इस दौरान मुफ्ती अजमल, कारी अब्दुल वहीद, अफजालुर्रहमान, शफीकुर्रहमान, चंचल, शहनवाज अहमद, अनीसुर्रहमान, अतीकुर्रहमान, डॉ. अखलाक अहमद, मुहम्मद जुमादीन, जावेद अहमद, नईम, शोएब, आफताब, इम्मू, खुर्शीद, गुफरान आदि रहे।
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शहर के अमन गेट से रविवार को 10.30 बजे से युवाओं और बुजुर्गों का हुजूम निकला। हाथों में शांति का अपील वाले झंडों को लेकर बच्चे चल रहे थे। लाउडस्पीकर के जरिए सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा... गूंज रहा था। इसके चलते माहौल देशभक्ति से लबरेज हो गया। जुलूस रेलवे पुलिस चौकी, तहसील चौक, नगर पालिका परिषद, कोऑपरेटिव चौराहा, सिविललाइंस, सुभाष चौक होते हुए मालवीय रोड ईदगाह के गेट पर पहुंचा। यहां पर सभा में तब्दील हो गया। मदरसों के छात्रों ने देश भक्ति पर आधारित गीत गुनगुनाया। संरक्षक शकील अहमद सिद्दीकी ने कहा कि गौरक्षा के नाम पर भीड़ के जरिए हत्या का दावा किया जाता है लेकिन घटना में चंद लोग शामिल रहते हैं। सोशल मीडिया से स्पष्ट हो चुका है। आम लोग महज तमाशबीन रहते हैं वह लोग निंदा करते हैं। बिस्मिल्लाह मुन्ना लारी ने कहा कि देश में नफरत को बढ़ाने के लिए कुछ ताकते सक्रिय हैं। देशवासी ऐसे लोगों को सबक सिखाएंगे। इस दौरान मुफ्ती अजमल, कारी अब्दुल वहीद, अफजालुर्रहमान, शफीकुर्रहमान, चंचल, शहनवाज अहमद, अनीसुर्रहमान, अतीकुर्रहमान, डॉ. अखलाक अहमद, मुहम्मद जुमादीन, जावेद अहमद, नईम, शोएब, आफताब, इम्मू, खुर्शीद, गुफरान आदि रहे।
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