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बाढ़ बचाव के नाम लाखों रुपयें पानी में डूबा
Updated Mon, 03 Jul 2017 10:31 PM IST
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रुद्रपुर/एकौना। बाढ़ बचाव के नाम पर लाखों रुपया खर्च करने वाला सिंचाई विभाग दोआबा और कछार के 116 गांवों पर मंडरा रहे खतरे को टाल नहीं पा रहा है। दो दिन से हो रही बारिश ने घटिया काम की पोल खोल दी। पिड़रा पुल के पास गोर्रा नदी तेजी से कटान कर रही है। कटान से पुल का एप्रोच धंसने लगा है। बाढ़ खंड बालू की बोरी लगाकर कटान रोकने का प्रयास कर रहा है।
24 घंटे में गोर्रा नदी जलस्तर दो मीटर बढ़ा है। हालांकि नदी अभी तलहटी में है लेकिन नदी का वेग तेज होने से किनारा कट कर नदी में विलीन हो रहा है। गोर्रा नदी के किनारे बसे 64 गांवों के लोग बंधों की जर्जर दशा को लेकर चिंता में हैं। यहां संवेदनशील स्थलों पर बंधा बचाने के नाम पर कोरम पूरा किया गया है। पिड़री, इश्वरपुर और सुल्तानी के पास बाढ़ बचाव के नाम पर लाखों रुपया खपा दिया गया। बावजूद इसके हालात जस के तस हैं। पिड़रा पुल के पास काटन रोकने को बोरियां लगाई गई थी। जिसे जमीन के बड़े हिस्से के साथ नदी काटकर अपने आगोश में ले चुकी है। गोर्रा और राप्ती नदी के तट पर बसे गांव के लोगों की अभी से नींद गायब हैं। गांववाले बंधों की जर्जर दशा को लेकर चिंतित हैं। इस बार यदि नदी ने अपना रौद्र रुप दिखाया तो प्रलयकारी बाढ़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राप्ती नदी तट पर बने तिघरा मराछी बांध शाही जर्जर हो चुका है। इस बाबत एसडीएम घनश्याम ने कहा कि बंधों पर तैनात अभियंताओं को बचाव का निर्देश बहुत दिया जा चुका है। बांध कटा तो संबंधित अभियंता का निलंबन तय है।
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24 घंटे में गोर्रा नदी जलस्तर दो मीटर बढ़ा है। हालांकि नदी अभी तलहटी में है लेकिन नदी का वेग तेज होने से किनारा कट कर नदी में विलीन हो रहा है। गोर्रा नदी के किनारे बसे 64 गांवों के लोग बंधों की जर्जर दशा को लेकर चिंता में हैं। यहां संवेदनशील स्थलों पर बंधा बचाने के नाम पर कोरम पूरा किया गया है। पिड़री, इश्वरपुर और सुल्तानी के पास बाढ़ बचाव के नाम पर लाखों रुपया खपा दिया गया। बावजूद इसके हालात जस के तस हैं। पिड़रा पुल के पास काटन रोकने को बोरियां लगाई गई थी। जिसे जमीन के बड़े हिस्से के साथ नदी काटकर अपने आगोश में ले चुकी है। गोर्रा और राप्ती नदी के तट पर बसे गांव के लोगों की अभी से नींद गायब हैं। गांववाले बंधों की जर्जर दशा को लेकर चिंतित हैं। इस बार यदि नदी ने अपना रौद्र रुप दिखाया तो प्रलयकारी बाढ़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। राप्ती नदी तट पर बने तिघरा मराछी बांध शाही जर्जर हो चुका है। इस बाबत एसडीएम घनश्याम ने कहा कि बंधों पर तैनात अभियंताओं को बचाव का निर्देश बहुत दिया जा चुका है। बांध कटा तो संबंधित अभियंता का निलंबन तय है।
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