{"_id":"5ca788cebdec22146a72dcb0","slug":"11554483406-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा मुखिया के पास पहुंचा विवाद का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा मुखिया के पास पहुंचा विवाद का मामला
विज्ञापन
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। पुरवां चौराहे पर गठबंधन प्रत्याशी की बैठक में सपा नेताओं के बीच हुए विवाद का मामला पार्टी मुखिया तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों के लोगों ने लखनऊ पहुंचकर अपना पक्ष रखा है। पार्टी सूत्रों की मानें तो सपा अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लिया है। चुनाव के बाद दोनों पक्ष के कुछ लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
सोमवार को पुरवां चौराहे पर गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में हुई बैठक के दौरान सपा नेताओं के दो गुटों में विवाद हो गया था। मामला बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। मामला अखबारों में प्रकाशित हुआ। एक पक्ष के लोग अखबार की कतरन लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव के पास पहुंचे। जानकारी मिलते ही दूसरे पक्ष के लोग भी अपनी बात रखने के लिए पहुंच गए। दोनों पक्षों की बात सपा मुखिया ने सुन ली है। जिले के रहने वाले अपने खास लोगों से इस विवाद के बारे में और जानकारी के साथ वीडियो फुटेज भी मांगे हैं। सूत्रों की बात पर विश्वास करें तो लोकसभा चुनाव की वजह से अभी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। चुनाव बाद दोनों पक्ष के नेताओं पर सपा मुखिया अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं। कुछ नेताओं को भी दल से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इस संबंध में सपा जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव ने बताया कि मुझे इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
सोमवार को पुरवां चौराहे पर गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में हुई बैठक के दौरान सपा नेताओं के दो गुटों में विवाद हो गया था। मामला बढ़कर हाथापाई तक पहुंच गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। मामला अखबारों में प्रकाशित हुआ। एक पक्ष के लोग अखबार की कतरन लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव के पास पहुंचे। जानकारी मिलते ही दूसरे पक्ष के लोग भी अपनी बात रखने के लिए पहुंच गए। दोनों पक्षों की बात सपा मुखिया ने सुन ली है। जिले के रहने वाले अपने खास लोगों से इस विवाद के बारे में और जानकारी के साथ वीडियो फुटेज भी मांगे हैं। सूत्रों की बात पर विश्वास करें तो लोकसभा चुनाव की वजह से अभी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। चुनाव बाद दोनों पक्ष के नेताओं पर सपा मुखिया अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकते हैं। कुछ नेताओं को भी दल से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इस संबंध में सपा जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव ने बताया कि मुझे इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन