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एडी हेल्थ का बाबू घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया
Updated Mon, 11 Jun 2018 10:54 PM IST
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ऐडी हेल्थ के बाबू को घूस लेते एन्टी क्रप्शन टीम ने किया गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। एडी हेल्थ कार्यालय में तैनात एक बाबू को सोमवार को घूस लेते रेलवे स्टेशन पर एंटी करप्शन की टीम ने रंगेहाथ पकड़ा। जीपीएफ पर लोन के बदले बाबू ने न्यू पीएचसी रामलक्षन के लैब असिस्टेंट से रिश्वत की मांग की थी। बाबू ने पूछताछ में घूस की राशि में एडी हेल्थ को हिस्सा देने की बात कही। कोतवाली पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई है।
कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के भेलया गांव निवासी दिनेश्वर मिश्रा न्यू पीएचसी केंद्र रामलक्षन में लैब असिस्टेंट पद पर कार्यरत हैं। चार जुलाई को उनके बेटी की शादी होनी है। उन्होंने सीएमओ कार्यालय में जीपीएफ पर साढ़े सात लाख रुपये लोन का आवेदन दिया था। 23 मई को सीएमओ कार्यालस से फाइल एडी हेल्थ गोरखपुर कार्यालय भेज दी गई। उसने बताया कि एडी हेल्थ से संपर्क करने पर वहां के कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी नूरुलहोदा से संपर्क करने की बात कही। आरोप है कि लिपिक ने डेढ़ प्रतिशत 11250 रुपये की मांग रखी। मनुहार लगने पर एक प्रतिशत हर हाल में लेने की बात कही। रमेश मिश्र ने पांच हजार रुपये उसे दे दिया। 30 मई को फाइल पर हस्ताक्षर के बाद 2500 रुपये के लिए लिपिक फाइल नहीं दे रहा था। इस पर लैब असिस्टेंट ने 6 जून को गोरखपुर के डीएम से मिलकर शिकायत की। डीएम ने एंटी करप्शन में शिकायत करने की सलाह दी। उसने आठ जून को लिखित शिकायत एंटी करप्शन से की। इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने इसकी जांच के बाद बाबू को रंगेहाथ पकड़ने का खाका तैयार किया। पता चला कि नूरुलहोदा घर से रोजाना ट्रेन से आता-जाता है। मोबाइल पर वार्ता के अनुसार सोमवार की शाम को रेलवे स्टेशन पर लोन स्वीकृति की फाइल देने के लिए 2500 रुपये लेकर बुलाया था। एंटी करप्शन टीम ने लैब असिस्टेंट को केमिकल लगा दो हजार व पांच सौ का एक-एक नोट देकर भेजा। शाम को शालीमार एक्सप्रेस से उतरकर बाबू ने जैसे ही रुपये लिए, एंटी क्ररप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। पानी से धुलते ही हाथ लाल हो गया। एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक बब्बन यादव ने बताया कि पकड़े गए बाबू नूरुलहोदा ने एडी हेल्थ को घूस ही राशि का हिस्सा देने की बात कही है। लिहाजा उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इस बाबत कोतवाल प्रभातेष श्रीवास्तव ने बताया कि घूसखोर बाबू गिरफ्तार है। एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
बाबू ने नहीं सुनी कोई दलील
देवरिया। लैब असिस्टेंट दिनेश्वर मिश्र राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद देवरिया के जिला उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि घूसखोर बाबू से संगठन के पदाधिकारी होने का कई बार हवाला भी दिया था, लेकिन उसने उनकी एक नहीं सुनी। आर्थिक संकट के कारण यह कदम उठाना पड़ा।
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कुशीनगर में भी चर्चित रहा बाबू
देवरिया। जिले के रामपुर कारखाना के गोविंदपुर गांव निवासी नूरूलहोदा इसके पूर्व कुशीनगर जिले में सीएमओ कार्यालय में तैनात थे। वहां पर भी काफी चर्चा में रहा। सूत्रों की मानें तो वह एडी हेल्थ का बेहद करीबी था। अधिकांश कर्मचारियों का काम इसके माध्यम से ही होता था।
कई बार बाबू से टीम के सदस्यों ने की बात
देवरिया। एंटी करप्शन टीम ने एडी हेल्थ के बाबू से कई बार स्वास्थ्य कर्मचारी बनकर जीपीएफ लोन के लिए बात की थी। लोन के लिए फाइल मंजूर कराने का रेट तक पूछा, लेकिन बेखौफ बाबू को इसकी भनक तक नहीं लगी। वह एंटी करप्शन के जाल में फंस गया। गोरखपुर डीएम के निर्देश पर लोकसेवक साक्षी के रूप में शिवकुमार मौर्य और वशिष्ठ नरायण द्विवेदी भी एंट करप्शन टीम के साथ थे।
टीम में यह रहे शामिल
देवरिया। घूस लेते हुए बाबू को पकड़ने में एंटी करप्शन टीम में प्रभारी निरीक्षक बब्बन यादव, जगदीश प्रसाद, चंद्रभान मिश्र, शैलेंद्र राय, पुनीत सिंह शामिल रहे। एंटी करप्शन विभाग के एसपी अशोक तिवारी को पल-पल की जानकारी टीम देती रही।
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कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के भेलया गांव निवासी दिनेश्वर मिश्रा न्यू पीएचसी केंद्र रामलक्षन में लैब असिस्टेंट पद पर कार्यरत हैं। चार जुलाई को उनके बेटी की शादी होनी है। उन्होंने सीएमओ कार्यालय में जीपीएफ पर साढ़े सात लाख रुपये लोन का आवेदन दिया था। 23 मई को सीएमओ कार्यालस से फाइल एडी हेल्थ गोरखपुर कार्यालय भेज दी गई। उसने बताया कि एडी हेल्थ से संपर्क करने पर वहां के कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी नूरुलहोदा से संपर्क करने की बात कही। आरोप है कि लिपिक ने डेढ़ प्रतिशत 11250 रुपये की मांग रखी। मनुहार लगने पर एक प्रतिशत हर हाल में लेने की बात कही। रमेश मिश्र ने पांच हजार रुपये उसे दे दिया। 30 मई को फाइल पर हस्ताक्षर के बाद 2500 रुपये के लिए लिपिक फाइल नहीं दे रहा था। इस पर लैब असिस्टेंट ने 6 जून को गोरखपुर के डीएम से मिलकर शिकायत की। डीएम ने एंटी करप्शन में शिकायत करने की सलाह दी। उसने आठ जून को लिखित शिकायत एंटी करप्शन से की। इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने इसकी जांच के बाद बाबू को रंगेहाथ पकड़ने का खाका तैयार किया। पता चला कि नूरुलहोदा घर से रोजाना ट्रेन से आता-जाता है। मोबाइल पर वार्ता के अनुसार सोमवार की शाम को रेलवे स्टेशन पर लोन स्वीकृति की फाइल देने के लिए 2500 रुपये लेकर बुलाया था। एंटी करप्शन टीम ने लैब असिस्टेंट को केमिकल लगा दो हजार व पांच सौ का एक-एक नोट देकर भेजा। शाम को शालीमार एक्सप्रेस से उतरकर बाबू ने जैसे ही रुपये लिए, एंटी क्ररप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। पानी से धुलते ही हाथ लाल हो गया। एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक बब्बन यादव ने बताया कि पकड़े गए बाबू नूरुलहोदा ने एडी हेल्थ को घूस ही राशि का हिस्सा देने की बात कही है। लिहाजा उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इस बाबत कोतवाल प्रभातेष श्रीवास्तव ने बताया कि घूसखोर बाबू गिरफ्तार है। एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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बाबू ने नहीं सुनी कोई दलील
देवरिया। लैब असिस्टेंट दिनेश्वर मिश्र राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद देवरिया के जिला उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने बताया कि घूसखोर बाबू से संगठन के पदाधिकारी होने का कई बार हवाला भी दिया था, लेकिन उसने उनकी एक नहीं सुनी। आर्थिक संकट के कारण यह कदम उठाना पड़ा।
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कुशीनगर में भी चर्चित रहा बाबू
देवरिया। जिले के रामपुर कारखाना के गोविंदपुर गांव निवासी नूरूलहोदा इसके पूर्व कुशीनगर जिले में सीएमओ कार्यालय में तैनात थे। वहां पर भी काफी चर्चा में रहा। सूत्रों की मानें तो वह एडी हेल्थ का बेहद करीबी था। अधिकांश कर्मचारियों का काम इसके माध्यम से ही होता था।
कई बार बाबू से टीम के सदस्यों ने की बात
देवरिया। एंटी करप्शन टीम ने एडी हेल्थ के बाबू से कई बार स्वास्थ्य कर्मचारी बनकर जीपीएफ लोन के लिए बात की थी। लोन के लिए फाइल मंजूर कराने का रेट तक पूछा, लेकिन बेखौफ बाबू को इसकी भनक तक नहीं लगी। वह एंटी करप्शन के जाल में फंस गया। गोरखपुर डीएम के निर्देश पर लोकसेवक साक्षी के रूप में शिवकुमार मौर्य और वशिष्ठ नरायण द्विवेदी भी एंट करप्शन टीम के साथ थे।
टीम में यह रहे शामिल
देवरिया। घूस लेते हुए बाबू को पकड़ने में एंटी करप्शन टीम में प्रभारी निरीक्षक बब्बन यादव, जगदीश प्रसाद, चंद्रभान मिश्र, शैलेंद्र राय, पुनीत सिंह शामिल रहे। एंटी करप्शन विभाग के एसपी अशोक तिवारी को पल-पल की जानकारी टीम देती रही।