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बालमुकुंद बने संत विनोबा कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष
Updated Mon, 24 Sep 2018 10:28 PM IST
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संत विनोबा पीजी कॉलेज के नव निर्वाचित छात्र संघ अध्यक्ष ,महामंत्री,उपाध्यक्ष और संयुक्त मंत्री प्रमाण पत्र के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। संत विनोबा पीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर बालमुकुंद मिश्र को जीत मिली है। वहीं अमरेंद्र मणि त्रिपाठी को उपाध्यक्ष और रोहित को महामंत्री चुना गया। संयुक्त मंत्री पद पर आशुतोष यादव ने एकतरफा जीत दर्ज की। मतदान के बाद परिणाम की घोषणा होते ही समर्थक झूम उठे। विजेता उम्मीदवारों को फूल-मालाओं से लादकर बधाई दी और जुलूस निकालकर जीत का जश्न मनाया।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर कॉलेज परिसर में सुबह से ही गहमागहमी की स्थिति रही। सुरक्षा में कई थानों की फोर्स व पीएसी कॉलेज परिसर में डटी थी। सुबह नौ बजे से मतदान शुरू हुआ। कुल तीन बूथ बनाए गए थे। कॉलेज गेट पर एक-एक छात्रों की तलाशी के बाद उन्हें वोट देने जाने की इजाजत मिली। खास बात यह रही कि मतदान को लेकर छात्राओं ने भी पूरा उत्साह दिखाया। इसके चलते कुल 977 मतदाताओं में से 773 के वोट पड़े। दो बजे तक मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद मतगणना आरंभ हुई। एक-एक वोटों की गिनती के साथ मतगणना कक्ष में प्रत्याशी व उनके समर्थकों की सांसे ऊपर-नीचे होती रही। शाम करीब चार बजे जैसे ही चुनाव अधिकारी डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी ने चुनाव परिणाम की घोषण की, विजेता प्रत्याशी और उसके समर्थक खुशी से झूम उठे। पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल विजेताओं को वाहन में बिठाकर घर पहुंचा दिया। हालांकि इसके बावजूद समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला और शहर में घूमकर खुशियों का इजहार किया। चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने में प्राचार्य डॉ. असीम सत्यदेव भी पूरी सजगता से डटे रहे। पल-पल की मॉनिटरिंग करते दिखे।
शोर किसी और का, जीता कोई और
छात्रसंघ चुनाव के दौरान कॉलेज मार्ग पूरी तरह बैनर-पोस्टर, होर्डिंग से पटा रहा। एक प्रत्याशी के पोस्टर तो पूरी सड़क पर चस्पा कर दिए गए थे। बीच-बीच में उसके समर्थक जोरदार नारेबाजी करते रहे। कई बार ढोल-ताशे के साथ जुलूस भी निकाला। मौके की स्थिति और समर्थकों की भीड़ देखकर कहा जा रहा था कि जीत उसी की होगी, मगर जब नतीजे घोषित हुए तो स्थिति ठीक उलट थी। शोर मचाने वाले उम्मीदवार और उसके समर्थकों की बोलती बंद हो गई थी।
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छात्रसंघ चुनाव को लेकर कॉलेज परिसर में सुबह से ही गहमागहमी की स्थिति रही। सुरक्षा में कई थानों की फोर्स व पीएसी कॉलेज परिसर में डटी थी। सुबह नौ बजे से मतदान शुरू हुआ। कुल तीन बूथ बनाए गए थे। कॉलेज गेट पर एक-एक छात्रों की तलाशी के बाद उन्हें वोट देने जाने की इजाजत मिली। खास बात यह रही कि मतदान को लेकर छात्राओं ने भी पूरा उत्साह दिखाया। इसके चलते कुल 977 मतदाताओं में से 773 के वोट पड़े। दो बजे तक मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद मतगणना आरंभ हुई। एक-एक वोटों की गिनती के साथ मतगणना कक्ष में प्रत्याशी व उनके समर्थकों की सांसे ऊपर-नीचे होती रही। शाम करीब चार बजे जैसे ही चुनाव अधिकारी डॉ. वीरेंद्र त्रिपाठी ने चुनाव परिणाम की घोषण की, विजेता प्रत्याशी और उसके समर्थक खुशी से झूम उठे। पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल विजेताओं को वाहन में बिठाकर घर पहुंचा दिया। हालांकि इसके बावजूद समर्थकों ने विजय जुलूस निकाला और शहर में घूमकर खुशियों का इजहार किया। चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने में प्राचार्य डॉ. असीम सत्यदेव भी पूरी सजगता से डटे रहे। पल-पल की मॉनिटरिंग करते दिखे।
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शोर किसी और का, जीता कोई और
छात्रसंघ चुनाव के दौरान कॉलेज मार्ग पूरी तरह बैनर-पोस्टर, होर्डिंग से पटा रहा। एक प्रत्याशी के पोस्टर तो पूरी सड़क पर चस्पा कर दिए गए थे। बीच-बीच में उसके समर्थक जोरदार नारेबाजी करते रहे। कई बार ढोल-ताशे के साथ जुलूस भी निकाला। मौके की स्थिति और समर्थकों की भीड़ देखकर कहा जा रहा था कि जीत उसी की होगी, मगर जब नतीजे घोषित हुए तो स्थिति ठीक उलट थी। शोर मचाने वाले उम्मीदवार और उसके समर्थकों की बोलती बंद हो गई थी।
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