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शूटरों से दूर पुलिस,हवा में चला रही तीर
Updated Tue, 03 Oct 2017 10:51 PM IST
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देवरिया। डॉ. अब्दुल खालिद की हत्या करने वाले शॉर्प शूटरों की तलाश में जुटी पुलिस हवा में तीर चला रही है। कुशीनगर और बिहार के कई संभावित ठिकानों पर पुलिस ने दबिश दिया। एक माह पहले तक चिकित्सक से अगर किसी ने कहासुनी भी किया था, उसे भी पुलिस पूछताछ के लिए हिरासत में ले रही है। पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश के भंवर में फंसी पुलिस को अभी तक ठोस क्लू हाथ नहीं लगा है, जिससे शूटरों तक पहुंच सके।
कुशीनगर के पटहेरवा थाना के बेलवा आलमदास गांव के डॉ. अब्दुल खालिद बघौचघाट के सखनी न्यू पीएचसी पर चिकित्सक थे। 25 सितंबर को ड्यूटी से घर जाते समय बाइक सवार शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। कुशीनगर के सपा जिलाध्यक्ष के चिकित्सक दामाद होने की वजह से घटना के बाद इस कदर गुस्सा का गुबार फूटा कि लोग पुलिस पर हमलावर हो गए। चिकित्सक की तहरीर पर पुलिस घटना की वजह पुरानी रंजिश मानते हुए गांव के रामइकबाल राय और उनके बेटे मनीष राय सहित दो अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया। रामइकबाल राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन घटना को अंजाम देने वाले शॉर्प शूटरों का पता नहीं लगा सकी है। यही वजह रही कि पुलिस के पर्दाफाश में झोल है और पुलिस घटना की हकीकत उजागर करने के लिए हाथ पैर मार रही है। शूटरों की पहचान और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगाई गई है। लेकिन नतीजा शून्य नजर आ रहा है। चिकित्सक कसे अगर किसी की एक माह पूर्व भी कहासुनी हुई है। पुलिस पूछताछ के लिए नजर रख रही है। सर्विलांस से निकाले गए कॉल डिटेल पर गौर करे तो कई ऐसे लोगों से लंबे समय से चिकित्सक से बात हुई है, जो इनके बेहद करीबी है।
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कुशीनगर के पटहेरवा थाना के बेलवा आलमदास गांव के डॉ. अब्दुल खालिद बघौचघाट के सखनी न्यू पीएचसी पर चिकित्सक थे। 25 सितंबर को ड्यूटी से घर जाते समय बाइक सवार शूटरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। कुशीनगर के सपा जिलाध्यक्ष के चिकित्सक दामाद होने की वजह से घटना के बाद इस कदर गुस्सा का गुबार फूटा कि लोग पुलिस पर हमलावर हो गए। चिकित्सक की तहरीर पर पुलिस घटना की वजह पुरानी रंजिश मानते हुए गांव के रामइकबाल राय और उनके बेटे मनीष राय सहित दो अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया। रामइकबाल राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन घटना को अंजाम देने वाले शॉर्प शूटरों का पता नहीं लगा सकी है। यही वजह रही कि पुलिस के पर्दाफाश में झोल है और पुलिस घटना की हकीकत उजागर करने के लिए हाथ पैर मार रही है। शूटरों की पहचान और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें लगाई गई है। लेकिन नतीजा शून्य नजर आ रहा है। चिकित्सक कसे अगर किसी की एक माह पूर्व भी कहासुनी हुई है। पुलिस पूछताछ के लिए नजर रख रही है। सर्विलांस से निकाले गए कॉल डिटेल पर गौर करे तो कई ऐसे लोगों से लंबे समय से चिकित्सक से बात हुई है, जो इनके बेहद करीबी है।
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