{"_id":"596cca944f1c1b55708b4875","slug":"111500301972-deoria-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अध्यक्ष का खेमा भारी पड़ा, चुनाव स्थगित0","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अध्यक्ष का खेमा भारी पड़ा, चुनाव स्थगित0
Updated Mon, 17 Jul 2017 08:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया। जिला पंचायत सदस्य संघ के चुनाव में अध्यक्ष का खेमा भारी पड़ा। अध्यक्ष पद के लिए छह नाम आएं, सहमति नहीं बनने से चुनाव स्थगित हो गया। विभिन्न पदों के लिए 11 पदाधिकारियों का निर्वाचन होना था। अब पांच अगस्त को दोबारा मीटिंग बुलाई गई है।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद विरोधी दलों के जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुखों का माहौल बिगड़ने लगा। विरोध के स्वर को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने हवा देनी शुरू कर दी, लेकिन कद्दावर नेताओं का शह होने से उनका रंग असर नहीं दिखा सका। इसी बीच जिला पंचायत के कुछ सदस्यों ने सदस्य संघ के चुनाव का ऐलान कर दिया। सोमवार को जिला पंचायत सदस्यों की मीटिंग बुलाई गई। अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू का खेमा सक्रिय हो गया। जिला पंचायत के सभागार में दोपहर 12 बजे से बैठक शुरू हुई, जिसमें 30 से अधिक सदस्य आए। इसमें दो महिलाएं शामिल रहीं। अध्यक्ष का खेमा मीटिंग की गतिविधियों पर नजर जमाए था। पल-पल की सूचना से अपडेट कराते रहे। करीबियों के जरिए सदस्यों के लिए जलपान का इंतजाम कराया। इसी बीच सदस्यों से अध्यक्ष पद के लिए नाम मांगा गया। इस पद के लिए छह नाम आए, जिसमें चार लोग सपा के खेमे के बताए जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि इन लोगों ने भी रणनीति के तहत अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की है, जिसमें विरेंद्र मुकुल सिंह, रवि प्रकाश कुशवाहा, कृष्ण मणि, अरुण यादव, रामप्रकाश यादव, सिकंदर यादव शामिल हैं। इसमें एक जिला पंचायत सदस्य वर्तमान अध्यक्ष के प्रस्तावक भी रहे हैं। दूसरे अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र खरीदने में नाकाम रह चुके हैं। चुनाव के दौरान मामला गरमाया था लेकिन सपा की सरकार होने से कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। जद्दोजहद के बावजूद सदस्यों में आम राय नहीं बन सकी। इस दौरान शकुंतला भारती, लैला बेगम, मुन्ना प्रसाद आचार्य, प्रेमलता सिंह, अशोक यादव, राजन यादव, सुमेश्वर तिवारी आदि रहे।
विज्ञापन
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद विरोधी दलों के जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुखों का माहौल बिगड़ने लगा। विरोध के स्वर को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने हवा देनी शुरू कर दी, लेकिन कद्दावर नेताओं का शह होने से उनका रंग असर नहीं दिखा सका। इसी बीच जिला पंचायत के कुछ सदस्यों ने सदस्य संघ के चुनाव का ऐलान कर दिया। सोमवार को जिला पंचायत सदस्यों की मीटिंग बुलाई गई। अध्यक्ष रामप्रवेश यादव बबलू का खेमा सक्रिय हो गया। जिला पंचायत के सभागार में दोपहर 12 बजे से बैठक शुरू हुई, जिसमें 30 से अधिक सदस्य आए। इसमें दो महिलाएं शामिल रहीं। अध्यक्ष का खेमा मीटिंग की गतिविधियों पर नजर जमाए था। पल-पल की सूचना से अपडेट कराते रहे। करीबियों के जरिए सदस्यों के लिए जलपान का इंतजाम कराया। इसी बीच सदस्यों से अध्यक्ष पद के लिए नाम मांगा गया। इस पद के लिए छह नाम आए, जिसमें चार लोग सपा के खेमे के बताए जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि इन लोगों ने भी रणनीति के तहत अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी की है, जिसमें विरेंद्र मुकुल सिंह, रवि प्रकाश कुशवाहा, कृष्ण मणि, अरुण यादव, रामप्रकाश यादव, सिकंदर यादव शामिल हैं। इसमें एक जिला पंचायत सदस्य वर्तमान अध्यक्ष के प्रस्तावक भी रहे हैं। दूसरे अध्यक्ष पद के लिए नामांकन पत्र खरीदने में नाकाम रह चुके हैं। चुनाव के दौरान मामला गरमाया था लेकिन सपा की सरकार होने से कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। जद्दोजहद के बावजूद सदस्यों में आम राय नहीं बन सकी। इस दौरान शकुंतला भारती, लैला बेगम, मुन्ना प्रसाद आचार्य, प्रेमलता सिंह, अशोक यादव, राजन यादव, सुमेश्वर तिवारी आदि रहे।
विज्ञापन