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अधिकारों में कटौती बर्दाश्त नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट।
Updated Sun, 21 Dec 2014 12:08 AM IST
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चित्रकूट। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर बिजली विभाग के संविदा और नियमित कर्मचारियों ने शनिवार को अधिशासी अभियंता कार्यालय पटेल तिराहे पर धरना दिया।
उन्हाेंने एसडीओ आशीष कुमार को अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति में ज्ञापन सौंपा। इसमें विद्युत परिषद के पुनर्गठन के साथ साथ आठ मांगें शामिल हैं।
धरने की अध्यक्षता करते हुए हाइड्रोइलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष चंद्रभान ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती और नियमित श्रेणी के पद कम करके शोषण किया जा रहा है।
उप्र बिजली कर्मचारी संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष गरीब खान ने कहा कि राज्य विद्युत परिषद के विघटन के समय की गई गजट नोटीफिकेशन में कर्मचारियों की सुविधाएं कम न करने की बात कही गई थी पर ऐसा नहीं हुआ। वेतनमान में भी असमानता है। कर्मचारी हितों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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खंडीय मंत्री रामलाल पाल ने इस बात पर आक्रोश जताया कि विभाग में कर्मचारियों की भर्ती न कर संविदा कर्मियों का शोषण किया जा रहा है। उप्र पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन में 14 जनवरी 2000 से पूर्व की स्थिति बहाल करते हुए समझौते का पालन करने को कहा गया।
संविदा मजदूरों के ईपीएफ कटौती में गबन किए धन की वसूली, कर्मचारियों के नियमितीकरण, श्रम कानूनों के पालन के लिए एक्सईएन को जवाबदेह बनाने समेत अन्य मांगें उठीं। बाद में इन लोगों ने एसडीओ को इन्हीं मांगों से संबंधित ज्ञान सौंपा।
उन्हाेंने एसडीओ आशीष कुमार को अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति में ज्ञापन सौंपा। इसमें विद्युत परिषद के पुनर्गठन के साथ साथ आठ मांगें शामिल हैं।
धरने की अध्यक्षता करते हुए हाइड्रोइलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष चंद्रभान ने कहा कि कर्मचारियों के अधिकारों में कटौती और नियमित श्रेणी के पद कम करके शोषण किया जा रहा है।
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उप्र बिजली कर्मचारी संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष गरीब खान ने कहा कि राज्य विद्युत परिषद के विघटन के समय की गई गजट नोटीफिकेशन में कर्मचारियों की सुविधाएं कम न करने की बात कही गई थी पर ऐसा नहीं हुआ। वेतनमान में भी असमानता है। कर्मचारी हितों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
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खंडीय मंत्री रामलाल पाल ने इस बात पर आक्रोश जताया कि विभाग में कर्मचारियों की भर्ती न कर संविदा कर्मियों का शोषण किया जा रहा है। उप्र पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन में 14 जनवरी 2000 से पूर्व की स्थिति बहाल करते हुए समझौते का पालन करने को कहा गया।
संविदा मजदूरों के ईपीएफ कटौती में गबन किए धन की वसूली, कर्मचारियों के नियमितीकरण, श्रम कानूनों के पालन के लिए एक्सईएन को जवाबदेह बनाने समेत अन्य मांगें उठीं। बाद में इन लोगों ने एसडीओ को इन्हीं मांगों से संबंधित ज्ञान सौंपा।