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Chitrakoot News: आदिवासी समुदाय की महिलाओं व पुरुषों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
Wed, 24 Sep 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 24 Sep 2025 12:12 AM IST
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फोटो 23 सीकेटीपी-2- परिचय-मानिकपुर तहसील परिसर में मौजूद आदिवासी महिलाएं। संवाद
- फोटो : भंगहा सीएचसी में मेगा स्वास्थ्य शिविर में मौजूद विधायक व अन्य।
चित्रकूट/ मानिकपुर। वन विभाग द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न के विरोध में पाठा क्षेत्र के गढ़वा, पयासीपुरवा, चमरौहा, ऊचाडीह, रानीपुर आदि गांवों के सैकड़ों आदिवासी महिलाएं-पुरुष तहसील मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर वनाधिकार वापस दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बीत जाने के बावजूद अब तक उनके वनाधिकारों की मान्यता पूरी नहीं हुई है। इसी कारण वन विभाग की मनमानी और उत्पीड़न लगातार बढ़ता जा रहा है।
लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा आदिवासी परिवारों की फसलों को नुकसान पहुंचाना, खेतों में गड्ढे खुदवाना, घरों को गिरा देना, बेवजह मुकदमे दर्ज करना और जेल भेजने जैसी कार्रवाई की जा रही हैं। इससे वनाश्रित समुदाय पर बार-बार अन्याय हो रहा है।
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सैकड़ों की संख्या में पहुंचे आदिवासी परिवारों ने मांग की कि एक माह के भीतर उनके दावे दर्ज किए जाएं। उपजिलाधिकारी मोहम्मद जसीम ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले को उच्चाधिकारियों तक भेजा जाएगा।
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ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बीत जाने के बावजूद अब तक उनके वनाधिकारों की मान्यता पूरी नहीं हुई है। इसी कारण वन विभाग की मनमानी और उत्पीड़न लगातार बढ़ता जा रहा है।
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लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग द्वारा आदिवासी परिवारों की फसलों को नुकसान पहुंचाना, खेतों में गड्ढे खुदवाना, घरों को गिरा देना, बेवजह मुकदमे दर्ज करना और जेल भेजने जैसी कार्रवाई की जा रही हैं। इससे वनाश्रित समुदाय पर बार-बार अन्याय हो रहा है।
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सैकड़ों की संख्या में पहुंचे आदिवासी परिवारों ने मांग की कि एक माह के भीतर उनके दावे दर्ज किए जाएं। उपजिलाधिकारी मोहम्मद जसीम ने ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले को उच्चाधिकारियों तक भेजा जाएगा।