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शिक्षक जब जाग जाता है तो समाज में बदलाव होता
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चुनाव सुधार को लेकर गोष्ठी में जानकारी देते समाजसेवी गोपाल भाई व मौजूद प्रदेश कोआर्डिनेटर अनिल ?
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। शिक्षक जब जाग जाता है तो समाज में बदलाव होता है। यह विचार एडीआर व यूपी इलेक्शन वाच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चुनाव सुधार पर युवा संवाद विषयक संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी गोपाल भाई ने व्यक्त किए।
गोपालदास निर्मला देवी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के सभागार में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब देश में संकट आया शिक्षकों ने तब-तब समाज को जागृत किया है। इससे समाज में बदलाव आए जो देश और समाज के हित में थे। उन्होंने आचार्य चाणक्य का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक को आज चुनाव सुधार और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर एडीआर व यूपी इलेक्शन वाच के प्रदेश कोऑर्डिनेटर मुख्य अतिथि अनिल शर्मा ने कहा कि पिछले दो दशकों से प्रो: त्रिलोचन शास्त्री, प्रो जगदीश छोकर व रिटायर्ड मेजर जनरल अनिल वर्मा के नेतृत्व में एडीआर देश में मतदाताओं को जागरूक करते हुए चुनाव सुधार का कार्य कर रहा है।
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गोष्ठी का संचालन एडीआर के जिला कोआर्डिनेटर रमेश द्विवेदी ने किया है। इस अवसर पर अवधेश चतुर्वेदी, अशोक श्रीवास्तव, चंद्रभान सिंह, रामराज यादव, कमलेश राजपूत, धर्मजीत सिंह, अनुराधा दीक्षित, गुंजन श्रीवास्तव, किरण उपाध्याय, मीना गुप्ता, क्षिप्रा विश्वकर्मा, माधुरी रिछारिया आदि शिक्षकों ने नोटा को कानून बनाने का प्रस्ताव रखा। जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक अशोक गुप्ता व प्रधानाचार्य शिवप्रकाश शुक्ला मौजूद रहे।
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गोपालदास निर्मला देवी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के सभागार में उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब देश में संकट आया शिक्षकों ने तब-तब समाज को जागृत किया है। इससे समाज में बदलाव आए जो देश और समाज के हित में थे। उन्होंने आचार्य चाणक्य का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षक को आज चुनाव सुधार और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कार्य करना चाहिए।
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इस अवसर पर एडीआर व यूपी इलेक्शन वाच के प्रदेश कोऑर्डिनेटर मुख्य अतिथि अनिल शर्मा ने कहा कि पिछले दो दशकों से प्रो: त्रिलोचन शास्त्री, प्रो जगदीश छोकर व रिटायर्ड मेजर जनरल अनिल वर्मा के नेतृत्व में एडीआर देश में मतदाताओं को जागरूक करते हुए चुनाव सुधार का कार्य कर रहा है।
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गोष्ठी का संचालन एडीआर के जिला कोआर्डिनेटर रमेश द्विवेदी ने किया है। इस अवसर पर अवधेश चतुर्वेदी, अशोक श्रीवास्तव, चंद्रभान सिंह, रामराज यादव, कमलेश राजपूत, धर्मजीत सिंह, अनुराधा दीक्षित, गुंजन श्रीवास्तव, किरण उपाध्याय, मीना गुप्ता, क्षिप्रा विश्वकर्मा, माधुरी रिछारिया आदि शिक्षकों ने नोटा को कानून बनाने का प्रस्ताव रखा। जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक अशोक गुप्ता व प्रधानाचार्य शिवप्रकाश शुक्ला मौजूद रहे।