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सोलर पेयजल योजना धड़ाम, गांवों में नहीं पहुंच रहा पानी, समस्या बढ़ी
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चित्रकूट जिले में भारत सरकार की सोलर सिस्टम से पेयजल दिलाने वाली योजना मुख्यालय के नजदीक सिद्धपुर समेत कई गांवो में पूरी तरह धड़ाम हो गई। इस पर कोई सुध लेने वाला नहीं है। इसकी शिकायत बुन्देली सेना ने पीएमओ और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है ।
बुन्देली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि इस योजना का जिले के किसी भी विभाग से सीधा जुड़ाव नहीं था। वहीं, जल निगम को इस योजना में यह आपत्ति थी कि यह काम उनकी देखरेख में होना चाहिए। भारत सरकार की इस स्कीम को पूरा करने की जिम्मेदारी पुणे की एक कंपनी को मिली थी।
जिलेभर के सैकड़ों गांवों को इस योजना से अलग रखना था। इस योजना के तहत एक गहरी बोरिंग करके चरही बनाई जानी थी। उसके ऊपर पानी की टंकी और टंकी की छत में सोलर पैनल लगाए जाने थे। यह सूरज की किरणों से चार्ज होकर सोलर पंप चल जाता और टंकी भर जाने पर खुद बंद हो जाता है। कई गांवों को इस योजना सेल पेय जल मिलने की आशा थी, लेकिन यह योजना कई गांवों में ठप हो गई। सिद्धपुर समेंत कई गांवों में यह सिस्टम शोपीस बनकर खड़े हैं।
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बुन्देली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि इस योजना का जिले के किसी भी विभाग से सीधा जुड़ाव नहीं था। वहीं, जल निगम को इस योजना में यह आपत्ति थी कि यह काम उनकी देखरेख में होना चाहिए। भारत सरकार की इस स्कीम को पूरा करने की जिम्मेदारी पुणे की एक कंपनी को मिली थी।
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जिलेभर के सैकड़ों गांवों को इस योजना से अलग रखना था। इस योजना के तहत एक गहरी बोरिंग करके चरही बनाई जानी थी। उसके ऊपर पानी की टंकी और टंकी की छत में सोलर पैनल लगाए जाने थे। यह सूरज की किरणों से चार्ज होकर सोलर पंप चल जाता और टंकी भर जाने पर खुद बंद हो जाता है। कई गांवों को इस योजना सेल पेय जल मिलने की आशा थी, लेकिन यह योजना कई गांवों में ठप हो गई। सिद्धपुर समेंत कई गांवों में यह सिस्टम शोपीस बनकर खड़े हैं।
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