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हर क्षेत्र में हो हिंदी भाषा का ही उपयोग

Sun, 23 Aug 2020 11:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2020 11:03 PM IST
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Use of Hindi language in every region
चित्रकूट। हिंदी हैं हम विषय पर जिला मुख्यालय में हुए वेबिनार कार्यक्रम में लेखकों, साहित्यकारों शिक्षकों ने अपनी-अपनी राय में जाहिर किया है कि अपनी मातृ भाषा हिंदी का उपयोग सभी स्थान पर करना चाहिए। चाहे वह शिक्षा के क्षेत्र में हो रंग मंच या सरकारी कार्यालयों में। इसके अलावा युवा पीढ़ी के लेखकों को बढ़ा देना चाहिए। हिंदी को व्यवहारिक बनाए। ऑनलाइन इस वेबिनार में जुड़े लोगों ने अमर उजाला के इस प्रयास को सराहा। कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने में समाचार पत्रों का अहम रोल है। इस परिचर्चा में सुभाष पटेल, राहुल गुप्ता भी जुड़े और अपने महत्वपूर्ण विचार रखे।
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प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता व बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजाबुंदेला ने कहा कि हिंदी को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के लिए हर विषय में प्रयोग करना चाहिए। रंग मंच व फिल्मों में हिंदी का ही उपयोग हो। युवा पीढ़ी के लेखक हिंदी का ही प्रयोग करे।
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महात्मागांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय के पीआरओ जय प्रकाश शुक्ला ने कहा कि लेखनी में शुद्ध हिंदी का प्रयोग करना चाहिए। इसको व्यवहारिकता में भी परिवार के सभी सदस्यों को लाना चाहिए।
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शिक्षक लोकमणि मिश्र ने कहा कि हिंदी का उपयोग अधिक से अधिक हो इसके लिए एक दूसरे को प्रेरित करने के बाद ही विचार बदलेंगे। नई शिक्षा नीति के माध्यम से भी बदलाव आ सकता है। जिसके लिए शुरूआत हो गई है।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि सरकारी कार्यालायों में हिंदीका उपयोग करने के आदेश के बाद भी अधिकतर कार्यालयों में अंग्रेजी का उपयोग किया जाता है। इस पर लगाम लगानी चाहिए। न्यायालयों से भी जो भी फैसले हो हिंदी में ही हो।

युवा लेखक सौरभ द्विवेदी ने कहा कि हिंदी भाषा का रोजगार परक बनाना होगा। इस भाषा के प्रति लोग सम्मान करे इसके लिए मिलकर कार्य करना होगा।
युवा चिंतक जियाऊल हक ने कहा कि अंग्रेजी के प्रति विचार बदलकर हिंदी का उपयोग करे। हिन्दी के प्रति हीनभावना को मन से निकालना होगा। स्कूलों में हिंदी का प्रयोग करने वाले छात्रों को डांट नहीं पड़नी चाहिए।
कवि व शिक्षक मनोज द्विवेदी ने कहा कि हिंदी भाषा रूचिकर विषय है एक बार यदि इसके प्रति लगाव हो गया तो जल्द छूटता नहीं है।
कवि विरेंद्र प्रताप सिंह भ्रमर ने कहा कि हिंदी एक ऐसी भाषा है जिसके माध्यम से लेखक लेखनी का सही तरीके से समाज की पीड़ा व अपनी बात रख सकता है।
युवा समाजसेवी जितेंद्र मिश्र ने कहा कि हिंदी भाषा के प्रति सभी का लगाव हो इसके लिए हिंदी भाषा को बढ़ाने के लिए सेमिनार व अन्य कार्यक्रम करना चाहिए।
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