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यूपी: चित्रकूट के हिंदू एकता महाकुंभ में होगा मथुरा पर मंथन, चुनाव के ठीक पहले माहौल गरमाने की तैयारी
Sun, 12 Dec 2021 01:19 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 12 Dec 2021 01:19 AM IST
सार
महाकुंभ में सिर्फ अयोध्या, काशी और मथुरा के महात्म्य पर ही नहीं पूरे 12 विषयों पर कई सत्रों में चिंतन किया जाएगा। इसमें सबसे बड़ा विषय हिंदू एकता को रखा गया है।
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सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
पिछले दिनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की तरफ से दिए गए ‘अब मथुरा की बारी’ वाले बयान पर छिड़े राजनीतिक संग्राम के बीच 15 दिसंबर को चित्रकूट में होने वाले हिंदू एकता महाकुंभ में मथुरा (कृष्ण भूमि) पर गहन मंथन होना है। इस महाकुंभ में देशभर के बड़े संतों का जमावड़ा होने जा रहा है।
पिछले कई दिनों से इसकी तैयारियां चल रही हैं। महाकुंभ में सिर्फ अयोध्या, काशी और मथुरा के महात्म्य पर ही नहीं पूरे 12 विषयों पर कई सत्रों में चिंतन किया जाएगा। इसमें सबसे बड़ा विषय हिंदू एकता को रखा गया है। इस मौके पर संतों की तरफ से यह भी प्रस्ताव बनाया जाएगा कि हिंदू वर्ग से जुड़ी सभी जातियों को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे एकता का उद्देश्य पूरा हो सके।
बताया जा रहा है कि महाकुंभ में देश में लगातार कम हो रही हिंदुओं की संख्या पर चिंता व्यक्त करने के साथ ही इसके समाधान पर भी प्रस्ताव तैयार करने की योजना है। वैसे तो इस महाकुंभ को राजनीति से दूर रखा गया है, लेकिन यूपी के विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले इस आयोजन से प्रदेश की राजनीति को गरमाने की तैयारी शुरू हो गई है।
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महाकुंभ में पांच लाख लोगाें को जुटाने की योजना
महाकुंभ में चार से पांच लाख लोगों को जुटाने की योजना है। इसमें देशभर से आने वाले संतों की संख्या करीब एक लाख होगी। आयोजन तीन दिन तक चलेगा। मुख्य आयोजन 15 और 16 दिसंबर को होगा। 14 दिसंबर को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी।
संत के रूप में योगी आदित्यनाथ, मुख्य अतिथि मोहन भागवत
हिंदू एकता महाकुंभ में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत उपस्थित रहेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संत के रूप में आमंत्रित किया गया है। चित्रकूट तुलसी पीठ की तरफ से आयोजित होने वाले इस आयोजन का नेतृत्व स्वामी रामभद्राचार्य करेंगे। उनके साथ यहां पर जो प्रमुख संत रहेंगे, उनमें जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद, आचार्य बालकृष्ण आदि हैं।
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पिछले कई दिनों से इसकी तैयारियां चल रही हैं। महाकुंभ में सिर्फ अयोध्या, काशी और मथुरा के महात्म्य पर ही नहीं पूरे 12 विषयों पर कई सत्रों में चिंतन किया जाएगा। इसमें सबसे बड़ा विषय हिंदू एकता को रखा गया है। इस मौके पर संतों की तरफ से यह भी प्रस्ताव बनाया जाएगा कि हिंदू वर्ग से जुड़ी सभी जातियों को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे एकता का उद्देश्य पूरा हो सके।
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बताया जा रहा है कि महाकुंभ में देश में लगातार कम हो रही हिंदुओं की संख्या पर चिंता व्यक्त करने के साथ ही इसके समाधान पर भी प्रस्ताव तैयार करने की योजना है। वैसे तो इस महाकुंभ को राजनीति से दूर रखा गया है, लेकिन यूपी के विधानसभा चुनाव से पहले होने वाले इस आयोजन से प्रदेश की राजनीति को गरमाने की तैयारी शुरू हो गई है।
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महाकुंभ में पांच लाख लोगाें को जुटाने की योजना
महाकुंभ में चार से पांच लाख लोगों को जुटाने की योजना है। इसमें देशभर से आने वाले संतों की संख्या करीब एक लाख होगी। आयोजन तीन दिन तक चलेगा। मुख्य आयोजन 15 और 16 दिसंबर को होगा। 14 दिसंबर को भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी।
संत के रूप में योगी आदित्यनाथ, मुख्य अतिथि मोहन भागवत
हिंदू एकता महाकुंभ में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत उपस्थित रहेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संत के रूप में आमंत्रित किया गया है। चित्रकूट तुलसी पीठ की तरफ से आयोजित होने वाले इस आयोजन का नेतृत्व स्वामी रामभद्राचार्य करेंगे। उनके साथ यहां पर जो प्रमुख संत रहेंगे, उनमें जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, स्वामी रामदेव, स्वामी चिदानंद मुनि महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद, आचार्य बालकृष्ण आदि हैं।