{"_id":"5df783578ebc3e879d41ec92","slug":"two-died-of-fever-three-referred-chitrakutt-news-knp532483923","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार से दो की मौत, तीन रेफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार से दो की मौत, तीन रेफर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। बुखार के चलते मासूम समेत दो की मौत हो गई। जबकि सेवानिवृत्त चिकित्सक समेत तीन की हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने प्रयागराज रेफर किया है। मृतक मासूम को दिमागी बुखार होने की संभावना डाक्टरों ने जताई है।
सर्दी बढ़ने के बाद इन दिनों जिले में तेजी से दिमागी बुखार के मरीज बढ़ रहे है। मऊ थाना क्षेत्र के नीबी गांव के रामनारायण के छह माह के पुत्र सूरज को दो दिनों से बुखार का इलाज प्राइवेट अस्पताल में कराया। हालत में सुधार न होने पर परिजन मऊ सीएचसी ले गया। जहां डाक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रविवार की देर शाम इलाज को लाते समय मासूम की मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। इसके अलावा कौबरा निवासी चुनबुदिया (65) पत्नी संझौ लाल की सोमवार की सुबह तेज बुखार के बाद मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि गांव में अचानक तेज बुखार के बाद हालत बिगड़ने पर उसे लेकर जिला अस्पताल आ रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
इसके अलावा सेवानिवृत्त आयुर्वेदिक चिकित्सक बीएल ओझा पुत्र बाबूलाल ओझा निवासी चकमाली को दिमागी बुखार से ग्रसित होने पर परिजन जिला अस्पताल लाए। जहां हालत नाजुक देख डाक्टरों ने प्रयागराज रेफर किया है। इटवां रैपुरा निवासी बिंदा प्रसाद पुत्र रामनिहोरे व सकरौंहा निवासी गंगा पुत्र संतोष को भी बुखार होने पर जिला अस्पताल से प्रयागराज रेफर किया गया है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में दिमागी बुखार की चपेट में आए मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा। जिसके चलते डाक्टरों को रेफर करना पड़ रहा है। सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने बताया कि बुखार से संबंधित दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं। गंभीर अवस्था के चलते मरीजों की रिकवरी न होने पर रेफर किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्दी बढ़ने के बाद इन दिनों जिले में तेजी से दिमागी बुखार के मरीज बढ़ रहे है। मऊ थाना क्षेत्र के नीबी गांव के रामनारायण के छह माह के पुत्र सूरज को दो दिनों से बुखार का इलाज प्राइवेट अस्पताल में कराया। हालत में सुधार न होने पर परिजन मऊ सीएचसी ले गया। जहां डाक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रविवार की देर शाम इलाज को लाते समय मासूम की मौत हो गई। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। इसके अलावा कौबरा निवासी चुनबुदिया (65) पत्नी संझौ लाल की सोमवार की सुबह तेज बुखार के बाद मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि गांव में अचानक तेज बुखार के बाद हालत बिगड़ने पर उसे लेकर जिला अस्पताल आ रहे थे तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
इसके अलावा सेवानिवृत्त आयुर्वेदिक चिकित्सक बीएल ओझा पुत्र बाबूलाल ओझा निवासी चकमाली को दिमागी बुखार से ग्रसित होने पर परिजन जिला अस्पताल लाए। जहां हालत नाजुक देख डाक्टरों ने प्रयागराज रेफर किया है। इटवां रैपुरा निवासी बिंदा प्रसाद पुत्र रामनिहोरे व सकरौंहा निवासी गंगा पुत्र संतोष को भी बुखार होने पर जिला अस्पताल से प्रयागराज रेफर किया गया है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में दिमागी बुखार की चपेट में आए मरीजों का उपचार नहीं हो पा रहा। जिसके चलते डाक्टरों को रेफर करना पड़ रहा है। सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने बताया कि बुखार से संबंधित दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं। गंभीर अवस्था के चलते मरीजों की रिकवरी न होने पर रेफर किया जाता है।
विज्ञापन