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Chitrakoot News: भरभरा कर गिरीं निर्माणाधीन पुल की दो बीम, दो मजदूर घायल
Sat, 08 Jul 2023 12:21 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 08 Jul 2023 12:21 AM IST
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चित्रकूट। मंदाकिनी नदी पर बन रहे पुल की दो बीम भरभराकर गिर गईं। इसमें दो मजदूर मामूली रूप से घायल हो गए जबकि आसपास मौजूद अन्य 12 मजदूर बाल-बाल बच गए। घटना की जानकारी होते ही सेतु निगम विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। तीन घंटे तक जांच पड़ताल की। पूरी रिपोर्ट लखनऊ कार्यालय भेजने के लिए कहा है।
रेंहुटा मकरी मार्ग स्थित मंदाकिनी नदी पर सेतु निगम लिमिटेड की ओर से करीब 14 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कराया जा रहा है। तीन साल से बन रहे इस पुल का काम अभी अधूरा है। गुरुवार की रात को इस पुल की बीम खोलने का काम मजदूर कर रहे थे।
तभी शटरिंग खोले जाने के दौरान दो बीम नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त हुईं। इन बीम में दरारें भी हैं। इस बीम के पास मौजूद दो मजदूर चिल्लाते हुए नीचे की ओर भागे और लगभग सात मीटर की ऊंचाई से कूदने पर उनके पैर में चोट आ गई। देर रात को ही निगम के जीएम मिथलेश कुमार ने उप परियोजना प्रबंधक अरुण कुमार, एई अहिवरन सिंह व ठेकेदार अंकित से रिपोर्ट मांगी।
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शुक्रवार तड़के ही अधिकारियों व इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारी घटना को छिपाने का प्रयास करते रहे। उप परियोजना प्रबंधक अरुण कुमार ने बताया कि बीम न गिरी है न दरार आई है। शटरिंग खोलते समय लापरवाही के कारण लॉक टूटा और बीम पलट गई है। इसकी टेस्टिंग फिर कराई जाएगी। ठेकेदार से उसी खर्च पर इसे सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह की जनहानि नहीं है, विशेषज्ञों व मशीनों को मंगाकर एक सप्ताह के अंदर इसे बनवा दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कोई मजदूर घायल नहीं हुआ।
उप्र राज्य सेतु निगम लिमिटेड के जीएम मिथलेश कुमार ने बताया कि 2020 में स्वीकृत इस पुल की लंबाई लगभग 181 मीटर है। इसका 70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। सात पिलर 18 बीम पर यह पुल बन रहा है। दो बीम के पलटने की जानकारी पर इंजीनियर व ठेकेदार से पूरी रिपोर्ट दो दिन के अंदर मांगी है। इसमें जिसकी लापरवाही होगी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे निर्माण कार्य कुछ प्रभावित होगा।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के जेई मनोज पाल का मानना है कि बीम की शटरिंग खोलते समय लापरवाही से ऐसी घटना हो जाती है। यह मजदूरों की जल्दबाजी से हु़आ होगा। ऐसी स्थिति में उसी बीम को सीमेंंट के पेस्ट से बनाया जा सकता है। इसकी मजबूती में प्रभाव नहीं पड़ता है।
पुल निर्माण स्थल के आसपास रेहुंटा निवासी चुनकावन व मकरी गांव निवासी रामआसरे ने बताया कि कई बार निर्माण के दौरान घटिया सामग्री के प्रयोग का ग्रामीणों ने विरोध किया लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। निर्माण सामग्री खासकर बीम में प्रयुक्त सामग्री की जांच होनी चाहिए। इसी संबध में सेतु निगम के जीएम ने बताया कि ऐसी शिकायत नहीं मिली है इसके बावजूद निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच समय समय पर कराई जाती है।
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रेंहुटा मकरी मार्ग स्थित मंदाकिनी नदी पर सेतु निगम लिमिटेड की ओर से करीब 14 करोड़ की लागत से पुल का निर्माण कराया जा रहा है। तीन साल से बन रहे इस पुल का काम अभी अधूरा है। गुरुवार की रात को इस पुल की बीम खोलने का काम मजदूर कर रहे थे।
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तभी शटरिंग खोले जाने के दौरान दो बीम नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त हुईं। इन बीम में दरारें भी हैं। इस बीम के पास मौजूद दो मजदूर चिल्लाते हुए नीचे की ओर भागे और लगभग सात मीटर की ऊंचाई से कूदने पर उनके पैर में चोट आ गई। देर रात को ही निगम के जीएम मिथलेश कुमार ने उप परियोजना प्रबंधक अरुण कुमार, एई अहिवरन सिंह व ठेकेदार अंकित से रिपोर्ट मांगी।
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शुक्रवार तड़के ही अधिकारियों व इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारी घटना को छिपाने का प्रयास करते रहे। उप परियोजना प्रबंधक अरुण कुमार ने बताया कि बीम न गिरी है न दरार आई है। शटरिंग खोलते समय लापरवाही के कारण लॉक टूटा और बीम पलट गई है। इसकी टेस्टिंग फिर कराई जाएगी। ठेकेदार से उसी खर्च पर इसे सही कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह की जनहानि नहीं है, विशेषज्ञों व मशीनों को मंगाकर एक सप्ताह के अंदर इसे बनवा दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कोई मजदूर घायल नहीं हुआ।
उप्र राज्य सेतु निगम लिमिटेड के जीएम मिथलेश कुमार ने बताया कि 2020 में स्वीकृत इस पुल की लंबाई लगभग 181 मीटर है। इसका 70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो गया है। सात पिलर 18 बीम पर यह पुल बन रहा है। दो बीम के पलटने की जानकारी पर इंजीनियर व ठेकेदार से पूरी रिपोर्ट दो दिन के अंदर मांगी है। इसमें जिसकी लापरवाही होगी उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इससे निर्माण कार्य कुछ प्रभावित होगा।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के जेई मनोज पाल का मानना है कि बीम की शटरिंग खोलते समय लापरवाही से ऐसी घटना हो जाती है। यह मजदूरों की जल्दबाजी से हु़आ होगा। ऐसी स्थिति में उसी बीम को सीमेंंट के पेस्ट से बनाया जा सकता है। इसकी मजबूती में प्रभाव नहीं पड़ता है।
पुल निर्माण स्थल के आसपास रेहुंटा निवासी चुनकावन व मकरी गांव निवासी रामआसरे ने बताया कि कई बार निर्माण के दौरान घटिया सामग्री के प्रयोग का ग्रामीणों ने विरोध किया लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। निर्माण सामग्री खासकर बीम में प्रयुक्त सामग्री की जांच होनी चाहिए। इसी संबध में सेतु निगम के जीएम ने बताया कि ऐसी शिकायत नहीं मिली है इसके बावजूद निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच समय समय पर कराई जाती है।