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Chitrakoot News: तीन मदरसे मिले अवैध
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चित्रकूट। जिले में वक्फ बोर्ड की संपत्ति की जांच हो चुकी है। जिले के तीन मदरसों को अवैध घोषित कर इन्हें बंद करने के निर्देश जारी हो चुके हैं। जांच में पता चला कि यह तीनों मदरसे शहर व इसके पास ही वर्षों से संचालित थे। चार मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं।
वक्फ संपत्ति की जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि जिले में कुल सात मदरसे संचालित थे। इनमें मदरसा निजामिया इटौरा कपना कर्वी, मदरसा मिसबाहुल उलूम ईदगाह के पास कर्वी व मदरसा इसलाहुल मुस्लिमिन रामपुरी कर्वी की मान्यता न होने से इन्हें बंद कराया गया है। इसके अलावा मान्यता वाले मदरसों में मदरसा इस्लामिया मादेरवतन मऊ, मदरसा बीबी नूरिया बेगम अरबरिया अहले सुन्नत रगौली कर्वी, मदरसा दारूल उलूम महबूबिया बरगढ़ व मदरसा गुलगमे मंसूर इस्लामिया पहाड़ी मान्यता सही होने से संचालित हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेंद्र प्रताप नाथ ने बताया कि यह जांच जुलाई 2024 में कराई गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन को भी रिपोर्ट भेजी गई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेंद्र नाथ प्रताप ने बताया कि शासन के निर्देश होने पर वक्फ बोर्ड की संपित्त्या का विवरण भेजा गया है। इसमें जो भी आगे की कार्रवाई होगी वह शासनादेश के अनुसार होगी। 1986 के गजट के अनुसार दर्ज संपत्तियों की तहसीवार सर्वे कराया गया है। तहसील की रिपोर्ट के अनुंसार ही अब जिले में 256 वक्फ बोर्ड की संपित्ती हैं। यह भी बताया कि 2022 में एक शासनादेश आया है कि जो भी संपत्ति वक्फ बोर्ड है। यह भी बताया कि सन 2022 में एक शासनादेश आया है जो संपत्ति वक्फ की नहीं है। उसे सरकारी भूमि के खाते में दर्ज कराया जाए।
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वक्फ संपत्ति की जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि जिले में कुल सात मदरसे संचालित थे। इनमें मदरसा निजामिया इटौरा कपना कर्वी, मदरसा मिसबाहुल उलूम ईदगाह के पास कर्वी व मदरसा इसलाहुल मुस्लिमिन रामपुरी कर्वी की मान्यता न होने से इन्हें बंद कराया गया है। इसके अलावा मान्यता वाले मदरसों में मदरसा इस्लामिया मादेरवतन मऊ, मदरसा बीबी नूरिया बेगम अरबरिया अहले सुन्नत रगौली कर्वी, मदरसा दारूल उलूम महबूबिया बरगढ़ व मदरसा गुलगमे मंसूर इस्लामिया पहाड़ी मान्यता सही होने से संचालित हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेंद्र प्रताप नाथ ने बताया कि यह जांच जुलाई 2024 में कराई गई थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन को भी रिपोर्ट भेजी गई है।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेंद्र नाथ प्रताप ने बताया कि शासन के निर्देश होने पर वक्फ बोर्ड की संपित्त्या का विवरण भेजा गया है। इसमें जो भी आगे की कार्रवाई होगी वह शासनादेश के अनुसार होगी। 1986 के गजट के अनुसार दर्ज संपत्तियों की तहसीवार सर्वे कराया गया है। तहसील की रिपोर्ट के अनुंसार ही अब जिले में 256 वक्फ बोर्ड की संपित्ती हैं। यह भी बताया कि 2022 में एक शासनादेश आया है कि जो भी संपत्ति वक्फ बोर्ड है। यह भी बताया कि सन 2022 में एक शासनादेश आया है जो संपत्ति वक्फ की नहीं है। उसे सरकारी भूमि के खाते में दर्ज कराया जाए।
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