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पिंडदान करने गए तीन डूबे, शिक्षक की मौत
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फोटो-20- उमेश मिश्रा- फाइल फोटो
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। भरतकूप थाना क्षेत्र के रसिन गांव में पिंडदान करने गए मामा और दो भांजे रसिन बांध में डूब गए। दोनों भांजों को राहगीरों ने बाहर निकाल लिया लेकिन मामा का तीन चार घंटे बाद मिला। वह सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक थे। घटना की जानकारी होते ही जिले के शिक्षक पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।
मानिकपुर के रामपुर कल्याणगढ़ स्थित बेसिक शिक्षा विभाग के कंपोजिट विद्यालय में उमेश कुमार मिश्रा (35) प्रधानाध्यापक थे। भरतकूप के रसिन गांव स्थित घर में मां केसरिया देवी का बीमारी के चलते निधन हो गया था। मंगलवार को तेरहवीं कार्यक्रम होने पर दोपहर को अपने दो भांजों बरगढ़ निवासी अमित कुमार (21) पुत्र राममिलन और रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी सत्यम (16) पुत्र शिवनायक के साथ रसिन बांध पिंडदान करने गए। वहां उमेश का संतुलन बिगड़ा और वह बांध की ओर गिरने लगे। मामा को गिरता देख उनके दोनों भांजों ने पकड़ने का प्रयास किया तो वे भी गिर गए।
शोर सुनकर वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने बांध के नीचे आकर अमित व सत्यम को बचा लिया लेकिन उमेश का पता नहीं चल सका। उधर, मामले की जानकारी होते ही शिक्षक के परिजन और ग्रामीण पहुंचे। लगभग एक घंटे तक कुछ पता नहीं चला। थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बदौसा से तीन गोताखोर बुलाए। जिन्होंने लगभग दो घंटे के प्रयास के बाद घटनास्थल से लगभग 40 मीटर आगे शिक्षक को ढूंढ निकाला। इसी बीच शरीर में कुछ हलचल होने से जीवित होेने के आसार पर पुलिस तत्काल शिक्षक को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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घटना की जानकारी पर पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय भी पहुंचे। शिक्षक उनके रिश्तेदारी में आते हैं। उनकी पत्नी पूनम देवी गृहिणी हैं। एक पुत्र पीयूष और एक पुत्री कुहू है। शिक्षक के बहनोई राममिलन द्विवेदी ने बताया कि शव का मंगलवार की रात को ही पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद बुधवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। तीनों को तैरना नहीं आता था।
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मानिकपुर के रामपुर कल्याणगढ़ स्थित बेसिक शिक्षा विभाग के कंपोजिट विद्यालय में उमेश कुमार मिश्रा (35) प्रधानाध्यापक थे। भरतकूप के रसिन गांव स्थित घर में मां केसरिया देवी का बीमारी के चलते निधन हो गया था। मंगलवार को तेरहवीं कार्यक्रम होने पर दोपहर को अपने दो भांजों बरगढ़ निवासी अमित कुमार (21) पुत्र राममिलन और रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी सत्यम (16) पुत्र शिवनायक के साथ रसिन बांध पिंडदान करने गए। वहां उमेश का संतुलन बिगड़ा और वह बांध की ओर गिरने लगे। मामा को गिरता देख उनके दोनों भांजों ने पकड़ने का प्रयास किया तो वे भी गिर गए।
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शोर सुनकर वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने बांध के नीचे आकर अमित व सत्यम को बचा लिया लेकिन उमेश का पता नहीं चल सका। उधर, मामले की जानकारी होते ही शिक्षक के परिजन और ग्रामीण पहुंचे। लगभग एक घंटे तक कुछ पता नहीं चला। थाना प्रभारी दुर्गेश कुमार ने बदौसा से तीन गोताखोर बुलाए। जिन्होंने लगभग दो घंटे के प्रयास के बाद घटनास्थल से लगभग 40 मीटर आगे शिक्षक को ढूंढ निकाला। इसी बीच शरीर में कुछ हलचल होने से जीवित होेने के आसार पर पुलिस तत्काल शिक्षक को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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घटना की जानकारी पर पूर्व मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय भी पहुंचे। शिक्षक उनके रिश्तेदारी में आते हैं। उनकी पत्नी पूनम देवी गृहिणी हैं। एक पुत्र पीयूष और एक पुत्री कुहू है। शिक्षक के बहनोई राममिलन द्विवेदी ने बताया कि शव का मंगलवार की रात को ही पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद बुधवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। तीनों को तैरना नहीं आता था।