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मंदाकिनी में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
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फोटो-3- धर्मनगरी चित्रकूट के रामघाट पर मंदाकिनी स्नान को जुटे श्रद्घालु। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। माघी पूर्णिमा के दूसरे दिन प्रयागराज में कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं ने चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी में आस्था की डुबकी लगाई। भगवान कामतानाथ के दर्शन कर पंचकोसी परिक्रमा लगाई। यहां के तीर्थ स्थानों के भी दर्शन किए। मान्यता है कि माघ में ही गोस्वामी तुलसीदास को चित्रकूट के रामघाट पर भगवान श्रीराम के दर्शन हुए थे। इस कारण श्रद्धालुओं की आस्था माघ में अधिक जुुड़ी हुई है।
मान्यता है कि प्रयागराज के माघ मेले में कल्पवास के बाद मंदाकिनी में डुबकी लगाने और कामद्गिरी की परिक्रमा लगाने से अधिक पुण्य मिलता है। इस कारण हर साल माघी पूर्णिमा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में तीर्थयात्री चित्रकूट आते हैं। इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं ने चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाई।
भगवान कामदगिरी की परिक्रमा लगाने के बाद तीर्थ क्षेत्र के जनकीकुंड, गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया आश्रम, भरतकू प तीर्थस्थल सहित कई अन्य आश्रमों के दर्शन किया। जानकी महल के महंत सीताशरण महाराज और रामघाट स्थित तोतामुखी हनुमान मंदिर के महंत मोहितदास महाराज ने बताया कि माघ में ही संत तुलसीदास को रामघाट में भगवान श्रीराम के दर्शन हुए थे। इस कारण माघ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
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विधानसभा चुनाव में अधिकतर रोडवेज बसें लगी हुई हैं। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए यूपी व एमपी के प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे, लेकिन आवागमन के लिए अतिरिक्त बसों का इंतजाम नहीं किया गया। विधानसभा चुनाव के कारण इस समय रोडवेज बसों की संख्या बहुत कम है। इस कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हुइ। बसों में क्षमता से दुगनी सवारी देखी गई। संवाद
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मान्यता है कि प्रयागराज के माघ मेले में कल्पवास के बाद मंदाकिनी में डुबकी लगाने और कामद्गिरी की परिक्रमा लगाने से अधिक पुण्य मिलता है। इस कारण हर साल माघी पूर्णिमा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में तीर्थयात्री चित्रकूट आते हैं। इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं ने चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाई।
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भगवान कामदगिरी की परिक्रमा लगाने के बाद तीर्थ क्षेत्र के जनकीकुंड, गुप्त गोदावरी, सती अनुसुइया आश्रम, भरतकू प तीर्थस्थल सहित कई अन्य आश्रमों के दर्शन किया। जानकी महल के महंत सीताशरण महाराज और रामघाट स्थित तोतामुखी हनुमान मंदिर के महंत मोहितदास महाराज ने बताया कि माघ में ही संत तुलसीदास को रामघाट में भगवान श्रीराम के दर्शन हुए थे। इस कारण माघ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
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विधानसभा चुनाव में अधिकतर रोडवेज बसें लगी हुई हैं। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं की व्यवस्था के लिए यूपी व एमपी के प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे, लेकिन आवागमन के लिए अतिरिक्त बसों का इंतजाम नहीं किया गया। विधानसभा चुनाव के कारण इस समय रोडवेज बसों की संख्या बहुत कम है। इस कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हुइ। बसों में क्षमता से दुगनी सवारी देखी गई। संवाद