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Chitrakoot News: ब्लास्टिंग से हुईं दरारों में बारिश का पानी जाने से ढहा पहाड़
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चित्रकूट। भरतकूप के गोंडा पहाड़ का हिस्सा ढहने का प्रमुख कारण अवैध रूप से की जा रही ब्लास्टिंग से पहाड़ का दरकना और पहले से तोड़ी गई चट्टानों को न हटाया जाना पाया गया। बारिश का पानी दरके पहाड़ में भरने से मिट्टी की परत गीली हो गई और चट्टानों के वजन से पहाड़ भरभराकर ढह गया, जिससे पोकलैंड ऑपरेटर की मौत हो गई। इस मामले में पट्टाधारक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रविवार को सुबह चार बजे बजनीपुरवा के गोंडा पहाड़ में पट्टाधारक अवधेश त्रिपाठी के खदान में पोकलैंड से पत्थर की तोड़ाई और ढुलाई का काम चल रहा था। पहाड़ का एक हिस्सा ढहने से पोकलैंड चकनाचूर हो गई और ऑपरेटर अतर्रा के तेरा निवासी राकेश निषाद की दबकर मौत हो गई थी। इस मामले में पट्टाधारक के भाई भाजपा नेता आनंद त्रिपाठी और अन्य के नाम रिपोर्ट दर्ज हुई।
मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी व डीएम शिवशरणप्पा के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। सोमवार को मामले की पहली जांच पूरी हो गई। जिला खनिज अधिकारी सुधाकरन सिंह ने बताया कि इस मामले में पट्टाधारक को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उससे एक सप्ताह भर में खदान में अंधेरे में काम कराने, मानक के इंतजाम और घटना कैसे हुई, की जानकारी मांगी है।
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उधर, जिला प्रशासन की पहली रिपोर्ट देर शाम को पूरी हुई, जिसे शासन को भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार इसमें बताया गया कि खनन स्थल पर सुरक्षा के मानक पूरे नहीं थे। अंधेरे में काम हो रहा था। पहले से खनन के कारण बारिश होने से वहां मौजूद टूटी चट्टानों को नहीं हटाया गया। इससे मिट्टी की परत में पानी पहुंच गया और पहाड़ का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया।
इनसेट
पहाड़ पर सन्नाटा, अन्य खदानों में भी नहीं हुआ काम
खनन स्थल गोंडा पहाड़ और आसपास की खदानें ठप रहीं। मृतक ऑपरेटर के परिजनों से जांच टीम के अधिकारी मिले। साथ ही पट्टाधारक और उसके सहयोगियों ने मुलाकात की। पीड़ित परिजनों को ढांढ़स बंधाया। मुआवजे पर कुछ सहमति बनने की संभावना है। यह भी पता चला कि पट्टाधारक की इस लीज को कोई पेटी कांंट्रेक्टर चला रहा था। बताया गया कि ऑपरेटर राकेश निषाद 2018 से भरतकूप क्षेत्र में रहकर जेसीबी और पोकलैंड चलाता था। उसके कई रिश्तेदार भी यहां काम करते हैं।
इनसेट...
खान सुरक्षा महानिदेशालय को भेजी रिपोर्ट
इस घटना की जानकारी खान सुरक्षा महानिदेशालय ने भी मांगी है। जिला खनिज अधिकारी सुधाकरन सिंह ने बताया कि विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है। टीम जल्द ही मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी।
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रविवार को सुबह चार बजे बजनीपुरवा के गोंडा पहाड़ में पट्टाधारक अवधेश त्रिपाठी के खदान में पोकलैंड से पत्थर की तोड़ाई और ढुलाई का काम चल रहा था। पहाड़ का एक हिस्सा ढहने से पोकलैंड चकनाचूर हो गई और ऑपरेटर अतर्रा के तेरा निवासी राकेश निषाद की दबकर मौत हो गई थी। इस मामले में पट्टाधारक के भाई भाजपा नेता आनंद त्रिपाठी और अन्य के नाम रिपोर्ट दर्ज हुई।
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मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी व डीएम शिवशरणप्पा के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। सोमवार को मामले की पहली जांच पूरी हो गई। जिला खनिज अधिकारी सुधाकरन सिंह ने बताया कि इस मामले में पट्टाधारक को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उससे एक सप्ताह भर में खदान में अंधेरे में काम कराने, मानक के इंतजाम और घटना कैसे हुई, की जानकारी मांगी है।
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उधर, जिला प्रशासन की पहली रिपोर्ट देर शाम को पूरी हुई, जिसे शासन को भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार इसमें बताया गया कि खनन स्थल पर सुरक्षा के मानक पूरे नहीं थे। अंधेरे में काम हो रहा था। पहले से खनन के कारण बारिश होने से वहां मौजूद टूटी चट्टानों को नहीं हटाया गया। इससे मिट्टी की परत में पानी पहुंच गया और पहाड़ का एक हिस्सा भरभराकर ढह गया।
इनसेट
पहाड़ पर सन्नाटा, अन्य खदानों में भी नहीं हुआ काम
खनन स्थल गोंडा पहाड़ और आसपास की खदानें ठप रहीं। मृतक ऑपरेटर के परिजनों से जांच टीम के अधिकारी मिले। साथ ही पट्टाधारक और उसके सहयोगियों ने मुलाकात की। पीड़ित परिजनों को ढांढ़स बंधाया। मुआवजे पर कुछ सहमति बनने की संभावना है। यह भी पता चला कि पट्टाधारक की इस लीज को कोई पेटी कांंट्रेक्टर चला रहा था। बताया गया कि ऑपरेटर राकेश निषाद 2018 से भरतकूप क्षेत्र में रहकर जेसीबी और पोकलैंड चलाता था। उसके कई रिश्तेदार भी यहां काम करते हैं।
इनसेट...
खान सुरक्षा महानिदेशालय को भेजी रिपोर्ट
इस घटना की जानकारी खान सुरक्षा महानिदेशालय ने भी मांगी है। जिला खनिज अधिकारी सुधाकरन सिंह ने बताया कि विभाग को रिपोर्ट भेज दी गई है। टीम जल्द ही मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी।