{"_id":"e56d063319c2f8f2f34f851e4471f905","slug":"the-work-day-and-night-to-avoid-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतिकूल प्रविष्टि से बचने को दिन रात करें मेहनत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतिकूल प्रविष्टि से बचने को दिन रात करें मेहनत
ब्यूरो अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Mon, 07 Dec 2015 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। जिलाधिकारी नीलम अहलावत ने विकास कार्यो की
विज्ञापन
समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया है कि अगर उनके राजस्व
वसूली में उनके विभागों ने लक्ष्य पूरा नहीं किया तो प्रतिकूल प्रविष्टि दी
जाएगी।
जिलाधिकारी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन, मानीटरिंग सेल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कानून व्यवस्था, अवैध खनन, अतिक्रमण, वन विभाग आदि की समीक्षा कर रही थीं।
कर करेतर की समीक्षा में जिलाधिकारी ने परिवहन, मनोरंजन, आबकारी, व्यापार कर, खनन, औषधि प्रशासन, वन विभाग, मंडी समिति और विद्युत विभाग के जिम्मेदारों से अपने लक्ष्य शत प्रतिशत पूरा करने को कहा। आगाह किया कि अगर समय से लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
उन्होंने अफसरों से कहा कि अगर प्रतिकूल प्रविष्टि से बचना है तो रात दिन मेहनत कर अपने लक्ष्य को पूरा करें। उन्होंने लंबित मुकदमों के निस्तारण और तहसील दिवस, मुख्यमंत्री की जन सुनवाई में लंबित प्रकरणों को जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर एसपी पुलिस अधीक्षक केके चौधरी, अपर जिलाधिकारी महेश चंद्र शर्मा, उप जिलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा, रामसकल मौर्य, सीपी उपाध्याय, राममूरत त्रिपाठी, तहसीलदार आदि मौजूद रहे।
राज्य पोषण मिशन की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने जिन गांवों को गोद लिया है। उनका मौके पर जाकर मुआयना करें। अन्यथा की स्थिति में उनका वेतन रोक दिया जाएगा।
बताया कि इस योजना की सीएम स्वयं समीक्षा करते हैं। कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर डबल पोषाहार दिलाएं। बच्चों का वजन भी कराएं। अस्पतालों में भर्ती कराएं।
बैठक में जिला विकास अधिकारी अजितेंद्र नारायण सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी हरीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी दयाराम कुशवाहा, उप निदेशक कृषि जगदीश नारायण, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एनके गहलौत, जिला विकलांग जन विकास अधिकारी विनीता यादव आदि मौजूद रहीं।
जिलाधिकारी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन, मानीटरिंग सेल, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कानून व्यवस्था, अवैध खनन, अतिक्रमण, वन विभाग आदि की समीक्षा कर रही थीं।
कर करेतर की समीक्षा में जिलाधिकारी ने परिवहन, मनोरंजन, आबकारी, व्यापार कर, खनन, औषधि प्रशासन, वन विभाग, मंडी समिति और विद्युत विभाग के जिम्मेदारों से अपने लक्ष्य शत प्रतिशत पूरा करने को कहा। आगाह किया कि अगर समय से लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी।
उन्होंने अफसरों से कहा कि अगर प्रतिकूल प्रविष्टि से बचना है तो रात दिन मेहनत कर अपने लक्ष्य को पूरा करें। उन्होंने लंबित मुकदमों के निस्तारण और तहसील दिवस, मुख्यमंत्री की जन सुनवाई में लंबित प्रकरणों को जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर एसपी पुलिस अधीक्षक केके चौधरी, अपर जिलाधिकारी महेश चंद्र शर्मा, उप जिलाधिकारी रजनीश कुमार मिश्रा, रामसकल मौर्य, सीपी उपाध्याय, राममूरत त्रिपाठी, तहसीलदार आदि मौजूद रहे।
राज्य पोषण मिशन की बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने जिन गांवों को गोद लिया है। उनका मौके पर जाकर मुआयना करें। अन्यथा की स्थिति में उनका वेतन रोक दिया जाएगा।
बताया कि इस योजना की सीएम स्वयं समीक्षा करते हैं। कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर डबल पोषाहार दिलाएं। बच्चों का वजन भी कराएं। अस्पतालों में भर्ती कराएं।
बैठक में जिला विकास अधिकारी अजितेंद्र नारायण सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी हरीश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी दयाराम कुशवाहा, उप निदेशक कृषि जगदीश नारायण, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. एनके गहलौत, जिला विकलांग जन विकास अधिकारी विनीता यादव आदि मौजूद रहीं।