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स्थिर हो गया यमुना का जलस्तर, मिली राहत
चित्रकूट
Updated Tue, 23 Aug 2016 10:16 PM IST
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राजापुर के पास पुल पर ऊफनाई यमुना नदी का नजारा।
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचने के पहले ही स्थिर हो गया। जिससे जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। आसपास के गांवों में सोमवार जैसी स्थिति मंगलवार को भी बनी रही। बांदा-सरधुआ मार्ग पर पानी भरा होने से आवागमन बंद रहा।
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नदी में डूबी महिला की तलाश में एनडीआरएफ की टीम को कोई सफलता नहीं मिली। मऊ क्षेत्र के मवईकला के 50 परिवार बाढ़ ग्रसित हैं। जिनके भोजन व ठहरने का इंतजाम प्रशासन ने किया है।
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राजापुर के कनकोटा के मोहड़ा घाट पर यमुना में नाव पलटी थी। जिसमें 13 लोगों को तो बचा लिया गया लेकिन कनकोटा की गुड़िया पानी में डूब गई थी। दूसरे दिन एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ यमुना में महिला की तलाश करती रही लेकिन शाम तक कुछ हासिल नहीं हो सका।
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डूबी महिला के बच्चे और अन्य परिजन दिन भर नदी किनारे बैठे रहे। इसके अलावा बरूआ गांव के चारों तरफ पानी पहुंचने से एनडीआरएफ की टीम तैनात कर दी गई है। सरधुआ व खोपा की हालत जस की तस बनी है। बांदा मार्ग पर आवागमन बंद होने से नाव के सहारे ही आवश्यक सामान की आपूर्ति की जा रही है।
मवईकला की हालत ज्यादा खराब है। यहां के लगभग दो सौ लोगों को स्कूल व अन्य सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया गया है। प्रशासन से लेकर स्थानीय समाजसेवी इनके भोजन आदि का इंतजाम कर रहे हैं। कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष लवकुश नामदेव, जिला महासचिव राकेश पांडेय व ब्लाक महासचिव राकेश निषाद मवई गांव जाकर पीड़ितों से मिले और हर संभव मदद देने का भरोसा दिया।
अपर जिलाधिकारी हवलदार सिंह ने मंगलवार को खोपा व बरूआ गांव जाकर बाढ़ पीड़ितों का हालचाल जाना। एसडीएम जयचंद्र पांडेय को निर्देश दिए कि किसी भी तरह की समस्या नहीं होनी चाहिए। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पहले जाकर स्थिर हो गया है। जिससे उम्मीद है कि अब नदी का पानी घटेगा।
रात भर हुई मूसलाधार बारिश से लालापुर की बाल्मिकी नदी का पानी हाइवे किनारे बनी पुलिया के पास पानी बढ़ गया है। इसी प्रकार अहिरी व सुरौंधा नाले का भी जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि हाइवे मार्ग पूरी तरह खुला है।