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कुएं में गिरे शिक्षक के मासूम पुत्र की मौत
अमर उजाला ब्यूरो,चित्रकूट
Updated Sun, 20 Nov 2016 09:49 PM IST
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पुत्र की मौत के बाद बिलखते पिता को संात्वना देते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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खेत के पास दोस्तों के साथ खेलते समय कुएं में गिरे शिक्षक पुत्र की मौत हो गई। पुत्र की मौत से घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गुरौला गांव में शिक्षक शारदा प्रसाद श्रीवास का आठ वर्षीय पुत्र विनय कुमार अपनी बहन अंजली व गांव के हमजोली दोस्तों के साथ खेत में खेल रहा था। खेल के दौरान ही बच्चों का डंडा पास के एक कुएं में जा गिरा। इसके बाद सभी बच्चे कुएं में झांककर डंडे को देख रहे थे तभी संतुलन बिगड़ने से विनय नीचे जा गिरा।
यह देखते ही वहां मौजूद अन्य बच्चे डर के कारण भाग निकले। बहन अंजली ने मां से भाई के कुएं में गिरने की बात बताई। इतना सुनते ही मां चिल्लाते हुए कुएं की ओर भागी और अन्य ग्रामीण भी दौड़कर कुएं के पास पहुंचे। कुछ ग्रामीणों ने कुएं में उतरकर उसे बाहर निकाला और सीएसची मानिकपुर में भर्ती कराया।
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हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि की। इसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव गांव ले गए।
चित्रकूट। गुरौला निवासी शारदा प्रसाद पहले शिक्षा मित्र थे। समायोजन के दौरान वह शिक्षक बने। इस घटना के बाद उनका का रो-रोकर बुरा हाल था। जिला अस्तपाल में कई बार वह बेहोश हो गए।
पिता हर बार यही कहता रहा कि आज अवकाश होने के कारण वह स्कूल नहीं गया। अन्यथा यह हादसा नहीं होता। बताया गया कि उसके दो पुत्र एक पुत्री में विनय दूसरे नंबर का था। मृतक विनय मानिकपुर में कक्षा एक में पढ़ता था।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गुरौला गांव में शिक्षक शारदा प्रसाद श्रीवास का आठ वर्षीय पुत्र विनय कुमार अपनी बहन अंजली व गांव के हमजोली दोस्तों के साथ खेत में खेल रहा था। खेल के दौरान ही बच्चों का डंडा पास के एक कुएं में जा गिरा। इसके बाद सभी बच्चे कुएं में झांककर डंडे को देख रहे थे तभी संतुलन बिगड़ने से विनय नीचे जा गिरा।
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यह देखते ही वहां मौजूद अन्य बच्चे डर के कारण भाग निकले। बहन अंजली ने मां से भाई के कुएं में गिरने की बात बताई। इतना सुनते ही मां चिल्लाते हुए कुएं की ओर भागी और अन्य ग्रामीण भी दौड़कर कुएं के पास पहुंचे। कुछ ग्रामीणों ने कुएं में उतरकर उसे बाहर निकाला और सीएसची मानिकपुर में भर्ती कराया।
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हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि की। इसके बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव गांव ले गए।
चित्रकूट। गुरौला निवासी शारदा प्रसाद पहले शिक्षा मित्र थे। समायोजन के दौरान वह शिक्षक बने। इस घटना के बाद उनका का रो-रोकर बुरा हाल था। जिला अस्तपाल में कई बार वह बेहोश हो गए।
पिता हर बार यही कहता रहा कि आज अवकाश होने के कारण वह स्कूल नहीं गया। अन्यथा यह हादसा नहीं होता। बताया गया कि उसके दो पुत्र एक पुत्री में विनय दूसरे नंबर का था। मृतक विनय मानिकपुर में कक्षा एक में पढ़ता था।