{"_id":"6550e62ff096d0317a017208","slug":"the-audience-was-mesmerized-after-seeing-the-staging-of-prabhu-shri-ram-janmotsav-chitrakutt-news-c-215-1-sknp1043-2892-2023-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: प्रभु श्रीराम जन्मोत्सव का मंचन देख दर्शक हुए मंत्रमुग्ध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: प्रभु श्रीराम जन्मोत्सव का मंचन देख दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
विज्ञापन
चित्रकूट। दीपावली पर्व पर राष्ट्रीय रामायण मेला में तीन दिवसीय रामलीला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन प्रभु श्रीराम जन्मोत्सव की लीला का मंचन कानपुर के कलाकारों ने किया। यह देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
राष्ट्रीय रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया के साथ कई अखाड़ों के महंत व डीआरआई के संगठन सचिव ने दीप जलाकर किया। कानपुर व बांदा क्षेत्र की रामलीला मंडली ने तीन दिवसीय मंचन के पहले दिन भगवान श्रीराम जन्मोत्सव का मंचन किया। राजा दशरथ के तीन रानियों में राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न के जन्म होने पर भारी हर्षोल्लास व बधाईयां गीत गाए गए।
मंचन देख श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। इसके पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष ने महंतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौके पर तुलसी पीठ के आचार्य रामचन्द्र दास, संतोषी अखाड़ा के महंत रामजी दास, महंत दिव्यजीवन दास, महंत दीपक दास, महंत रामहृदय दास, महंत सत्य प्रकाश दास, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, डॉ. मिलिन्द देव, रामायण मेला के महामंत्री करुणाशंकर द्विवेदी, शिवमंगल शास्त्री, राजेन्द्र मोहन त्रिपाठी, राजाबाबू पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत करवरिया के साथ कई अखाड़ों के महंत व डीआरआई के संगठन सचिव ने दीप जलाकर किया। कानपुर व बांदा क्षेत्र की रामलीला मंडली ने तीन दिवसीय मंचन के पहले दिन भगवान श्रीराम जन्मोत्सव का मंचन किया। राजा दशरथ के तीन रानियों में राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न के जन्म होने पर भारी हर्षोल्लास व बधाईयां गीत गाए गए।
विज्ञापन
मंचन देख श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गए। इसके पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष ने महंतों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस मौके पर तुलसी पीठ के आचार्य रामचन्द्र दास, संतोषी अखाड़ा के महंत रामजी दास, महंत दिव्यजीवन दास, महंत दीपक दास, महंत रामहृदय दास, महंत सत्य प्रकाश दास, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, डॉ. मिलिन्द देव, रामायण मेला के महामंत्री करुणाशंकर द्विवेदी, शिवमंगल शास्त्री, राजेन्द्र मोहन त्रिपाठी, राजाबाबू पांडेय आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन