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बम फटता को हादसा बड़ा होता
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sat, 30 Jan 2016 12:04 AM IST
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महानगरी एक्सप्रेस में गुरुवार को मिला बम फटता तो कम से कम चार बोगियों के लोग मारे जाते। यह बम काफी शक्तिशाली था। संयोग से उसकी सेटिंग गड़बड़ थी। इस वजह से वह फटा नहीं। यह खुलासा किया है बम निरोधक दस्ते ने।
बीडीएस टीम प्रभारी कौशल किशोर के अनुसार बम बेहद शक्तिशाली था। यदि बम ट्रेन में फटता तो संभावना थी कि कम से कम तीन कोच प्रभावित होते। इसके अलावा पूरी ट्रेन हिलती और यदि ट्रेन पटरी से हट जाती तो भारी नुकसान होता। इस बम में लगभग तीन सौ ग्राम आरडीएक्स था। लाल व सफेद बारूद व लोहे के कण भी उसमें मिले है। यह आधुनिक बम था, जिसे ईनो ट्रायल भी कहा जा सकता है। इस बम का प्रयोग नक्सली क्षेत्र में ज्यादा होता है। बम में यूरेनियम का प्रयोग कतई नहीं था।
मानिकपुर जंक्शन व आसपास के लोगों के लिए 11 घंटे दहशत में बीते। स्टेशन पर मौजूद रेलवे अधिकारी यूके सिंह ने बताया कि पूरे स्टाफ के साथ मौजूद यात्रियों की चिंता थी। शाम पांच बजे से बम मिलने के बाद रात करीब तीन बजे तक सबकी निगाह दूर रखे बम की ओर ही थी। रात 10:23 बजे बम में लगी घड़ी टिकटिक करने लगी तो उसकी आवाज दूर सुनाई पड़ी। जिससे लोग सहम गए। रात करीब 12 बजे डीबीएस टीम इलाहाबाद से आई तब लोगों को कुछ राहत मिली।
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बीडीएस टीम प्रभारी कौशल किशोर के अनुसार बम बेहद शक्तिशाली था। यदि बम ट्रेन में फटता तो संभावना थी कि कम से कम तीन कोच प्रभावित होते। इसके अलावा पूरी ट्रेन हिलती और यदि ट्रेन पटरी से हट जाती तो भारी नुकसान होता। इस बम में लगभग तीन सौ ग्राम आरडीएक्स था। लाल व सफेद बारूद व लोहे के कण भी उसमें मिले है। यह आधुनिक बम था, जिसे ईनो ट्रायल भी कहा जा सकता है। इस बम का प्रयोग नक्सली क्षेत्र में ज्यादा होता है। बम में यूरेनियम का प्रयोग कतई नहीं था।
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मानिकपुर जंक्शन व आसपास के लोगों के लिए 11 घंटे दहशत में बीते। स्टेशन पर मौजूद रेलवे अधिकारी यूके सिंह ने बताया कि पूरे स्टाफ के साथ मौजूद यात्रियों की चिंता थी। शाम पांच बजे से बम मिलने के बाद रात करीब तीन बजे तक सबकी निगाह दूर रखे बम की ओर ही थी। रात 10:23 बजे बम में लगी घड़ी टिकटिक करने लगी तो उसकी आवाज दूर सुनाई पड़ी। जिससे लोग सहम गए। रात करीब 12 बजे डीबीएस टीम इलाहाबाद से आई तब लोगों को कुछ राहत मिली।
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