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Chitrakoot News: कब्रिस्तान के गेट पर होलिका दहन की जिद पर तनाव
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चित्रकूट। होली का ढांड (डंडा) शहर के लक्ष्मणपुरी मोहल्ले में एक कब्रिस्तान के सामने लगाने के लिए दो समुदाय के बीच तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी होते ही सदर एसडीएम व सीओ पुलिस बल के साथ पहुंचे। दोनों पक्षों ने कागजात दिखाए और पुलिस टीम समझाती रही। सुरक्षा के लिहाज से इस स्थल पर चार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
माघी पूर्णिमा की रात परंपरा के अनुसार होली जलाने वाले स्थानों पर पहले से ढांड (डंडा) लगाने का प्रयास स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान के गेट के सामने किया। जानकारी होते ही दूसरे समुदाय के लोग पहुंचे। दोनों समुदायों के बीच कहासुनी के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंचे कोतवाल उपेंद्र सिंह ने रविवार की सुबह दोनों पक्ष को आने के लिए कहा।
रविवार की सुबह जैसे ही एक समुदाय के लोगों ने फिर से होली का ढांड (डंडा) लगाने की जिद की तो सूचना पर सदर एसडीएम सौरभ यादव व सीओ सिटी हर्ष पांडेय फोर्स के साथ पहुंचे। पूरे कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल व अन्य स्थान का निरीक्षण किया। दोनों पक्षोंं के कागजात देखे गए। दोनों पक्ष केस में जीत बताते रहे। हाल ही में इसी स्थल पर स्टे भी हुआ है।
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लगभग तीन घंटे की जांच पड़ताल के बाद तय हुआ कि कोई नई परंपरा नहीं शुरु होगी। जिस स्थान पर बीते वर्ष होलिका दहन हुआ था, वहीं पर इस बार भी किया जाए। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की टीम ने दोनों पक्ष को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पूर्व स्थल पर ही होलिका दहन की बात तय हुई।
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माघी पूर्णिमा की रात परंपरा के अनुसार होली जलाने वाले स्थानों पर पहले से ढांड (डंडा) लगाने का प्रयास स्थानीय लोगों ने कब्रिस्तान के गेट के सामने किया। जानकारी होते ही दूसरे समुदाय के लोग पहुंचे। दोनों समुदायों के बीच कहासुनी के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मौके पर पहुंचे कोतवाल उपेंद्र सिंह ने रविवार की सुबह दोनों पक्ष को आने के लिए कहा।
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रविवार की सुबह जैसे ही एक समुदाय के लोगों ने फिर से होली का ढांड (डंडा) लगाने की जिद की तो सूचना पर सदर एसडीएम सौरभ यादव व सीओ सिटी हर्ष पांडेय फोर्स के साथ पहुंचे। पूरे कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल व अन्य स्थान का निरीक्षण किया। दोनों पक्षोंं के कागजात देखे गए। दोनों पक्ष केस में जीत बताते रहे। हाल ही में इसी स्थल पर स्टे भी हुआ है।
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लगभग तीन घंटे की जांच पड़ताल के बाद तय हुआ कि कोई नई परंपरा नहीं शुरु होगी। जिस स्थान पर बीते वर्ष होलिका दहन हुआ था, वहीं पर इस बार भी किया जाए। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन की टीम ने दोनों पक्ष को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पूर्व स्थल पर ही होलिका दहन की बात तय हुई।