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कहीं रेल ट्रैक पर न आ आए बाघ, धीमी गति से गुजर रहीं ट्रेनें
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चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे मानिकपुर मारकुंडी, मझगवंा चितहरा रेलवे लाइन के पास बाघ के पैरों के निशान देखे गए हैं। इसे देखते हुए बाघ की सुरक्षा के लिए रेलवे ने मुंबई हावड़ा रेलमार्ग की मानिकपुर से सतना की ओर आने जाने वाली ट्रेन के चालकों को निर्देश जारी हुए हैं। इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनें धीमी गति से हार्न बजाते हुए निकल रहीं हैं। गौरतलब है कि एक पखवाड़ा पूर्व भी रेलवे ने यह आदेश जारी किए थे। उस बार भी बाघ के विचरण को देखते हुए उसकी सुरक्षा के लिए कदम उठाया गया था।
रानीपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि फिलहाल उनके रेंज में अभी बाघ रेलवे ट्रैक के पास तो नहीं है। वहीं मझगवां मप्र के रेंजर तरुण अनिया ने बताया कि चितहरा मानिकपुर रेलखंड के ट्रैक के आसपास बाघ के विचरण की सूचनाएं ग्रामीणों व रेलकर्मियों ने दी हैं। पहले भी इस तरह की सूचनाएं थीं। अक्सर इस क्षेत्र में पन्ना व रानीपुर के जंगल से बाघ आ जाते हैं। रेलवे ट्रैक से लगभग 500 मीटर दूर के दायरे में बाघ के पैरों के निशान मिले हैं।
जबलपुर रेलवे के क्षेत्रीय अधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों के चालकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि ट्रेन धीमी गति व हार्न बजाते ही गुजारें, ताकि कहीं बाघ ट्रैक पर आकर दुर्घटना का शिकार न हो जाए।
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रानीपुर वन्यजीव विहार क्षेत्र के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि फिलहाल उनके रेंज में अभी बाघ रेलवे ट्रैक के पास तो नहीं है। वहीं मझगवां मप्र के रेंजर तरुण अनिया ने बताया कि चितहरा मानिकपुर रेलखंड के ट्रैक के आसपास बाघ के विचरण की सूचनाएं ग्रामीणों व रेलकर्मियों ने दी हैं। पहले भी इस तरह की सूचनाएं थीं। अक्सर इस क्षेत्र में पन्ना व रानीपुर के जंगल से बाघ आ जाते हैं। रेलवे ट्रैक से लगभग 500 मीटर दूर के दायरे में बाघ के पैरों के निशान मिले हैं।
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जबलपुर रेलवे के क्षेत्रीय अधिकारी मृत्युंजय कुमार ने बताया कि वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर इस मार्ग से गुजरने वाली ट्रेनों के चालकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि ट्रेन धीमी गति व हार्न बजाते ही गुजारें, ताकि कहीं बाघ ट्रैक पर आकर दुर्घटना का शिकार न हो जाए।
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