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चित्रकूट में डीपीआरओ बनवाने को सिपाही ने ठगे सात लाख
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। नौकरी दिलाने के नाम पर सिपाही ने बांदा निवासी प्राइवेट शिक्षक से सात लाख रुपये लिए जिसे सात साल बाद भी नहीं लौटा रहा है। पीड़ित ने बताया कि नौकरी न मिलने पर रुपये मांगने पर भी नहीं लौटाया तो इसी सदमे में रेलवे विभाग से रिटायर्ड पिता का निधन हो गया।
शुक्रवार बांदा के क्योटरा मोहल्ला निवासी संजय यादव ने पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में बताया कि बांदा-चित्रकूट में तैनात पुलिस विभाग के एक हेड कांस्टेबल से परिचय होने के बाद सन 2013 में नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे थे। डीपीआरओ की नौकरी दिलाने के नाम पर जब इतने रुपये मांगे तो उनके पिता रेलवे विभाग के रिटायर्ड कर्मी राधेकृष्ण यादव ने भरोसा कर सात लाख रुपये दे दिए। एक साल बाद हेड कांस्टेबल ने बताया कि यह नौकरी निरस्त हो गई है। इसके बाद से उससे रुपये लौटाने को कहा गया।
पहले कुछ माह तक टालमटोल करता रहा लेकिन रुपये नहीं लौटाए। उसका कई जगह ट्रांसफर हो चुका है। वर्तमान में वह चित्रकूट जिले में ही तैनात है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सात लाख रुपये की रकम न लौटाने से उसके पिता का स्वास्थ्य खराब हो गया और इसी साल हार्टअटैक से उनकी मौत हो गई। पीड़ित ने आरोपी हेड कांस्टेबल से रुपये दिलाने की मांग की है।
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चित्रकूट। नौकरी दिलाने के नाम पर सिपाही ने बांदा निवासी प्राइवेट शिक्षक से सात लाख रुपये लिए जिसे सात साल बाद भी नहीं लौटा रहा है। पीड़ित ने बताया कि नौकरी न मिलने पर रुपये मांगने पर भी नहीं लौटाया तो इसी सदमे में रेलवे विभाग से रिटायर्ड पिता का निधन हो गया।
शुक्रवार बांदा के क्योटरा मोहल्ला निवासी संजय यादव ने पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में बताया कि बांदा-चित्रकूट में तैनात पुलिस विभाग के एक हेड कांस्टेबल से परिचय होने के बाद सन 2013 में नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे थे। डीपीआरओ की नौकरी दिलाने के नाम पर जब इतने रुपये मांगे तो उनके पिता रेलवे विभाग के रिटायर्ड कर्मी राधेकृष्ण यादव ने भरोसा कर सात लाख रुपये दे दिए। एक साल बाद हेड कांस्टेबल ने बताया कि यह नौकरी निरस्त हो गई है। इसके बाद से उससे रुपये लौटाने को कहा गया।
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पहले कुछ माह तक टालमटोल करता रहा लेकिन रुपये नहीं लौटाए। उसका कई जगह ट्रांसफर हो चुका है। वर्तमान में वह चित्रकूट जिले में ही तैनात है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सात लाख रुपये की रकम न लौटाने से उसके पिता का स्वास्थ्य खराब हो गया और इसी साल हार्टअटैक से उनकी मौत हो गई। पीड़ित ने आरोपी हेड कांस्टेबल से रुपये दिलाने की मांग की है।
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