{"_id":"6a9da8f6bd14bcd7100f680f","slug":"shopkeepers-who-had-come-to-share-their-grievances-with-the-cm-were-removed-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-135922-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: सीएम से दर्द बताने पहुंचे दुकानदारों को हटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: सीएम से दर्द बताने पहुंचे दुकानदारों को हटाया
Sun, 06 Sep 2026 11:25 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 06 Sep 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
फोटो-06 सीकेटीपी 10--सोनू सेन। संवाद
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ में रामघाट के किनारे प्रसाद, खिलौने व पूजन सामग्री की 80 से अधिक दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
शनिवार को दुकानदारों को जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को रामघाट का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। इसके बाद दुकानदार सुबह से ही अपनी क्षतिग्रस्त दुकानों के सामने खड़े होकर मुख्यमंत्री से मिलने और अपनी पीड़ा बताने का इंतजार करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री के पहुंचने से कुछ देर पहले ही दुकानदारों को वहां से हटा दिया गया। उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने भी नहीं दिया गया।
इससे दुकानदार मायूस होकर लौट गए। दुकानदारों का कहना था कि बाढ़ में उनका सबकुछ बर्बाद हो चुका है। वह सीएम के सामने अपनी परेशानी रखकर मदद की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्हें अपनी दुकानों के पास रुकने तक नहीं दिया गया।
-- --
दुकान के साथ सामान भी बह गया
बाढ़ में दुकान के साथ उसमें रखा पूरा सामान बह गया। अब कुछ भी नहीं बचा है। सुबह से सीएम के आने का इंतजार कर रहे थे। सोचा था कि मिलकर अपना दुख बताएंगे, लेकिन हम लोगों को वहां से हटा दिया गया।- देवी प्रसाद, दुकानदार, रामघाट।
विज्ञापन
-- -
घाट के पास नाश्ते की दुकान थी। बाढ़ ने इलाके में सबकुछ तबाह कर दिया है। उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री के आने पर प्रभावित लोगों का हाल जाना जाएगा और समस्याओं का समाधान होगा लेकिन वह रामघाट से ही वापस हो गए। हमें तो मिलने भी नहीं दिया गया।
-सोनू सेन, दुकानदार, रामघाट
-- -
80 से अधिक दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
बाढ़ के बाद रामघाट की 80 से अधिक दुकानों के क्षतिग्रस्त होने से दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इन दुकानों पर प्रसाद, खिलौने, पूजन सामग्री, चाय-नाश्ता समेत अन्य सामान की बिक्री होती थी। बाढ़ में दुकानें और सामान बर्बाद होने के बाद दुकानदार अब प्रशासन से आर्थिक मदद और पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
विज्ञापन
शनिवार को दुकानदारों को जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को रामघाट का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। इसके बाद दुकानदार सुबह से ही अपनी क्षतिग्रस्त दुकानों के सामने खड़े होकर मुख्यमंत्री से मिलने और अपनी पीड़ा बताने का इंतजार करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री के पहुंचने से कुछ देर पहले ही दुकानदारों को वहां से हटा दिया गया। उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने भी नहीं दिया गया।
इससे दुकानदार मायूस होकर लौट गए। दुकानदारों का कहना था कि बाढ़ में उनका सबकुछ बर्बाद हो चुका है। वह सीएम के सामने अपनी परेशानी रखकर मदद की उम्मीद कर रहे थे लेकिन उन्हें अपनी दुकानों के पास रुकने तक नहीं दिया गया।
विज्ञापन
दुकान के साथ सामान भी बह गया
बाढ़ में दुकान के साथ उसमें रखा पूरा सामान बह गया। अब कुछ भी नहीं बचा है। सुबह से सीएम के आने का इंतजार कर रहे थे। सोचा था कि मिलकर अपना दुख बताएंगे, लेकिन हम लोगों को वहां से हटा दिया गया।- देवी प्रसाद, दुकानदार, रामघाट।
विज्ञापन
घाट के पास नाश्ते की दुकान थी। बाढ़ ने इलाके में सबकुछ तबाह कर दिया है। उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री के आने पर प्रभावित लोगों का हाल जाना जाएगा और समस्याओं का समाधान होगा लेकिन वह रामघाट से ही वापस हो गए। हमें तो मिलने भी नहीं दिया गया।
-सोनू सेन, दुकानदार, रामघाट
80 से अधिक दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
बाढ़ के बाद रामघाट की 80 से अधिक दुकानों के क्षतिग्रस्त होने से दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इन दुकानों पर प्रसाद, खिलौने, पूजन सामग्री, चाय-नाश्ता समेत अन्य सामान की बिक्री होती थी। बाढ़ में दुकानें और सामान बर्बाद होने के बाद दुकानदार अब प्रशासन से आर्थिक मदद और पुनर्वास की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

फोटो-06 सीकेटीपी 10--सोनू सेन। संवाद

फोटो-06 सीकेटीपी 10--सोनू सेन। संवाद

फोटो-06 सीकेटीपी 10--सोनू सेन। संवाद