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शहीद की पत्नी व पुत्रियों को किया सम्मानित

Sun, 19 Aug 2018 11:00 PM IST
शहीद की पत्नी व पुत्रियों को किया सम्मानित
शहीद की पत्नी व पुत्रियों को किया सम्मानित Updated Sun, 19 Aug 2018 11:00 PM IST
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Shaheed's wife and daughters honored
log - फोटो : amarujala
अमर उजाला ब्यूरो
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खोही। धर्मनगरी के जानकीकुंड स्थित भगवत आराधना आश्रम में हो रहे नवकुंडी श्रीराम महायज्ञ व भक्तमल की कथा कार्यक्रम में देश के  लिए शहीद हुए सैनिकों की पत्नियों को सम्मानित कर उनकी पुत्रियों की शिक्षा के लिए नगदी प्रदान की। उन सैनिकों को भी सम्मानित किया जिन्होंने युद्ध के समय विरोधियों को मात दी थी।
आश्रम में धार्मिक आयोजन के दौरान देश के लिए शहीद हुए सैनिक पत्नी व उनके परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया गया। जिसमें सतना व चित्रकूट व बांदा जिले के शहीद हुए सैनिकों की पत्नी सरिता सिंह पत्ती पुष्पेंद्र सिंह, पार्वती सेन, खैरी सतना, राजदुलारी पत्नी बाबू लाल सिंह जिला सतना गांव चूंद, कर्नलपाल सिंह पत्नी सुधा सिंह, कर्नल पाल सिंह सोवंशी चूंद सतना, सविता देवी पत्नी मुन्नीलाल द्विवेदी, तरौंहा चित्रकूट, सुखराज देवी पत्नी बंसराज रेजीमेंट रानी खेत, क्रिमिया देवी पत्नी दुर्गा प्रसाद मिश्र, जानकी देवी पत्नी सुग्रीव , रामपती पत्नी रामपाल सिंह महार रेजीमेंट है। इसके अलावा सेना मेें रहकर अच्छा कार्य  करने पर सैनिक,विरेंद्र सिंह, उमाकांत शुक्ल को भी सम्मानित किया। इसी क्रम में शहीदों की पुत्रियों की शिक्षा के लिए पंाच पांच हजार रुपये नगद भी दिए गए।  
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श्रीकृष्ण अपने सखा से मिलने के लिए रहे ब्याकुल
खोही। श्री भगवद आराधना आश्रम में चल रही भक्तमल कथा में पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास ने श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया। जिसमे उन्होंने सुदामा चरित्र का वर्णन किया।
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 स्वामी राजेंद्र दास महाराज ने सुदामा चरित्र की कथा सुनाते कहा कि भगवान के सखा सुदामा जब श्री कृष्ण से मिलने के लिए पहुंचे तो श्रीकृष्ण दौड़ते हुए सुदामा से मिलने के लिए महल से निकले। जब वह बाहर नहीं मिले तो व्याकुल हो गये। आगे चलकर सुदामा मिले तो गले लगाकर उनका स्वागत किया। उनको महल के अंदर लाकर अपनी बराबरी पर बैठाकर खाना खिलाया। इसके साथ ही अयोध्या कांड की भी कथा सुनाई। इस मौके पर महामडेलश्वर प्रेमदास  महाराज, भागवत आराधना आश्रम के गोविंद दास महाराज आदि मौजूद रहे।
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