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Chitrakoot News: बाढ़ से आठ दिन से बिजली गुल
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फोटो न- 06 सीकेटीपी 02 भरतघाट पर सफाई करते कर्मचारी। संवाद
फोटो न- 06 सीकेटीपी 02 भरतघाट पर सफाई करते कर्मचारी। संवाद
कई बस्ती में बिजली की आपूर्ति अभी नहीं बहाल
सौ से अधिक बिजली के खंभे भी टूटे
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण धर्मनगरी का एमपी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कामदगिरि हाउसिंग सोसायटी, सती अनुसुइया और नई बस्ती में बिजली आपूर्ति ठप है। यह स्थिति पिछले आठ दिनों से बनी हुई है। बाढ़ से 15 ट्रांसफार्मर जल गए हैं। सौ से अधिक बिजली के खंभे भी टूट गए हैं।
नदी किनारे बसे भवनों को भी नुकसान पहुंचा है। सती अनुसुइया आश्रम से भरतघाट के बीच की बस्तियों में घरों में पानी घुस गया था। इससे लोगों की गृहस्थी खराब हो गई और भारी नुकसान हुआ। स्थानीय निवासी जितेंद्र सिंह और रामनारायण ने बताया कि 29 अगस्त से बिजली बंद है। नदी किनारे के रास्तों पर कीचड़ होने से आवागमन में भी समस्या हो रही है।
बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर बिजली के उपकरण खराब हुए हैं। टूटे हुए बिजली के खंभों को बदलने का काम जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक माह के भीतर नदी में तीन बार बाढ़ आई है। इस कारण मरम्मत और बहाली का काम प्रभावित हुआ है।
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उधर, धार्मिक स्थानों को जल्द सामान्य स्थिति लाने के लिए राघव प्रयाग और भरतघाट, राघव प्रयागघाट, गुप्त गोदावरी आदि स्थानों की सफाई की जा रही है। इन स्थानों पर बाढ़ के पानी के साथ आई सिल्ट, बालू व व कचरे को हटाया जा रहा है।
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रैन बसेरा भी हुआ क्षतिग्रस्त
चित्रकूट। धर्मनगरी के एमपी क्षेत्र में भरतघाट के पास रैन बसेरा 1980 में बनवाया गया था। यह क्षतिग्रस्त हो गया है। वही बिजावर मंदिर के पास नगर परिषद का आवास भी क्षतिग्रस्त हो गया है। कई संगठन बाढ़ पीड़ितों की सहायता में जुटे हुए हैं। विंध्य चैंबर सेवा संस्थान ने 11 लाख की की राहत सामग्री भेजी है। महामंत्री मनोज कटारे ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को 32 तरह की घरेलू उपयोग की सामग्री दी जा रही है। जिसमें 800 राहत किट दी जा रही है। (संवाद)
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कई बस्ती में बिजली की आपूर्ति अभी नहीं बहाल
सौ से अधिक बिजली के खंभे भी टूटे
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के कारण धर्मनगरी का एमपी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कामदगिरि हाउसिंग सोसायटी, सती अनुसुइया और नई बस्ती में बिजली आपूर्ति ठप है। यह स्थिति पिछले आठ दिनों से बनी हुई है। बाढ़ से 15 ट्रांसफार्मर जल गए हैं। सौ से अधिक बिजली के खंभे भी टूट गए हैं।
नदी किनारे बसे भवनों को भी नुकसान पहुंचा है। सती अनुसुइया आश्रम से भरतघाट के बीच की बस्तियों में घरों में पानी घुस गया था। इससे लोगों की गृहस्थी खराब हो गई और भारी नुकसान हुआ। स्थानीय निवासी जितेंद्र सिंह और रामनारायण ने बताया कि 29 अगस्त से बिजली बंद है। नदी किनारे के रास्तों पर कीचड़ होने से आवागमन में भी समस्या हो रही है।
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बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रशांत सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर बिजली के उपकरण खराब हुए हैं। टूटे हुए बिजली के खंभों को बदलने का काम जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक माह के भीतर नदी में तीन बार बाढ़ आई है। इस कारण मरम्मत और बहाली का काम प्रभावित हुआ है।
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उधर, धार्मिक स्थानों को जल्द सामान्य स्थिति लाने के लिए राघव प्रयाग और भरतघाट, राघव प्रयागघाट, गुप्त गोदावरी आदि स्थानों की सफाई की जा रही है। इन स्थानों पर बाढ़ के पानी के साथ आई सिल्ट, बालू व व कचरे को हटाया जा रहा है।
रैन बसेरा भी हुआ क्षतिग्रस्त
चित्रकूट। धर्मनगरी के एमपी क्षेत्र में भरतघाट के पास रैन बसेरा 1980 में बनवाया गया था। यह क्षतिग्रस्त हो गया है। वही बिजावर मंदिर के पास नगर परिषद का आवास भी क्षतिग्रस्त हो गया है। कई संगठन बाढ़ पीड़ितों की सहायता में जुटे हुए हैं। विंध्य चैंबर सेवा संस्थान ने 11 लाख की की राहत सामग्री भेजी है। महामंत्री मनोज कटारे ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को 32 तरह की घरेलू उपयोग की सामग्री दी जा रही है। जिसमें 800 राहत किट दी जा रही है। (संवाद)