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भीषण ठंड पर परिवार पालने को लकड़ी काट बेचना मजबूरी
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चित्रकूट। भीषण ठंड के बावजूद भी पाठा क्षेत्र की आदिवासी महिलाएं जंगलों से लकड़ी काटकर शहरों व कस्बों में बेचने के लिए कार्य कर रही है। यह कार्य आजादी के समय से किया जा रहा है। किसी ने इनकी आज तक सुध नहीं ली। जिन स्थानों गांवों व पुरवों में रहते है वहा पर भी बिजली, पानी, स्कूल व सड़क की समस्याएं रहती है।
जिले में बहिलपुरवा सहित मानिकपुर व बरगढ़ क्षेत्र के जंगलों में बड़ी संख्या में कोल आदिवासी रहते है। इनके परिवार की महिलाएं आजादी के समय से ही जंगलों से लकड़ी काटकर बेचने का कार्य करती चली आ रही है जो आज भी जारी है। जंगलों से लकड़ी काटने के बाद ट्रेनों में रखकर शहर व कस्बा पहुंचती जहां पर लड़की बेचती है। इसके बाद वापस इन्हीं ट्रेनों से वापस चली जाती हैं।
बहिलपुरवा निवासी सुंदरनिया देवी, बिट्टन व संतोषिया आदि ने अपना दर्द बयां कर बताया कि ट्रेनों से लकड़ी के गठर लाते समय कई बार रेलवे पुलिस व वन विभाग के सुरक्षा कर्मी महिलाओं से गठ्ठर छीन लेते हैं। जिससे कई बार नोकझोंक व मारपीट की घटनाएं हुई हैं।
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गांवों में पानी की समस्या
चित्रकूट। कोल आदिवासी क्षेत्र के गांवों में सबसे अधिक समस्या पेयजल की है। बहिलपुरवा क्षेत्र सहित बरगढ़ क्षेत्र में पानी की समस्या बनी रहती है। वही जंगलों में गांव बसे होने के कारण कई गांवों में सड़क व बिजली की व्यवस्था नहीं है। पुराने बहिलपुरवा गांव में परिषदीय स्कूल न होेने कारण बच्चे दो किमी से अधिक दूर नये बहिलपुरवा गांव में बने स्कूल में बढ़ने को मजबूर हैं।
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जिले में बहिलपुरवा सहित मानिकपुर व बरगढ़ क्षेत्र के जंगलों में बड़ी संख्या में कोल आदिवासी रहते है। इनके परिवार की महिलाएं आजादी के समय से ही जंगलों से लकड़ी काटकर बेचने का कार्य करती चली आ रही है जो आज भी जारी है। जंगलों से लकड़ी काटने के बाद ट्रेनों में रखकर शहर व कस्बा पहुंचती जहां पर लड़की बेचती है। इसके बाद वापस इन्हीं ट्रेनों से वापस चली जाती हैं।
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बहिलपुरवा निवासी सुंदरनिया देवी, बिट्टन व संतोषिया आदि ने अपना दर्द बयां कर बताया कि ट्रेनों से लकड़ी के गठर लाते समय कई बार रेलवे पुलिस व वन विभाग के सुरक्षा कर्मी महिलाओं से गठ्ठर छीन लेते हैं। जिससे कई बार नोकझोंक व मारपीट की घटनाएं हुई हैं।
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गांवों में पानी की समस्या
चित्रकूट। कोल आदिवासी क्षेत्र के गांवों में सबसे अधिक समस्या पेयजल की है। बहिलपुरवा क्षेत्र सहित बरगढ़ क्षेत्र में पानी की समस्या बनी रहती है। वही जंगलों में गांव बसे होने के कारण कई गांवों में सड़क व बिजली की व्यवस्था नहीं है। पुराने बहिलपुरवा गांव में परिषदीय स्कूल न होेने कारण बच्चे दो किमी से अधिक दूर नये बहिलपुरवा गांव में बने स्कूल में बढ़ने को मजबूर हैं।