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Chitrakoot News: दो अकाउंटेंट की भूमिका संदिग्ध होने से बढ़ा जांच का दायरा, पांच करोड़ का किया भुगतान

Tue, 18 Nov 2025 11:38 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Tue, 18 Nov 2025 11:38 PM IST
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Scope of investigation increased as role of two accountants became suspicious, payment of Rs 5 crore made
चित्रकूट।कोषागार में हुए 43.13 करोड़ के पेंशन घोटाले में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। अमर उजाला ने पहले ही आशंका जाहिर की थी कि इसमें विभागीय कई और अधिकारी व कर्मचारियों की भूमिका भी है। मंगलवार को वो जांच में सामने आई। जांच टीम का दायरा दो लेखाकार की ओर बढ़ गया है। दोनों के पटल से निकलने वाली फाइलों में इनके हस्ताक्षर मिले हैं। जल्द ही दोनों की जांच टीम के सामने अलग से पेशी हो सकती है।
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वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक 93 पेंशनरों के खाते में करोड़ों रुपये अवैध तरीके से भेजने और फिर इससे अकूत संपत्ति बनाने वालों पर लगातार कानूनी शिकंजा कस रहा है हालांकि जांच की गति बहुत धीमी है। इन सभी आरोपियों के बैंक खाते सीज हैं। सबसे प्रमुख विभाग के एटीओ विकास सचान, एटीओ संदीप श्रीवास्तव (अब मृत), अकाउंटेंट अशोक वर्मा व रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह का नाम आया। विकास व अशोक जेल व अवधेश बेल पर है।एसआईटी ने जांच में पांच दिन पूर्व दो अधिकारियों के नाम आने की पुष्टि भी की थी। इन सात सालों में दो एकाउंटेंट योगेंद्र सिंह व राजबहादुर की भूमिका पर सवाल उठे। चार घंटे तक चली पूछताछ में इन दोनों के पटल से इस कार्यअवधि में पांच करोड़ रुपये ऐसे ही पेंशनरों को स्वीकृत कर भेजे गए हैं। जांच टीम के सामने दोनों अकाउंटेंट काफी देर तक आंकड़े व ऑनलाइन रिकार्ड दिखाने में आनाकानी करते रहे। पहले गोपनीयता का बहाना भी बनाया। इसके बाद वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह को बुलाकर जानकारी ली गई। पांच करोड़ के भुगतान का रिकार्ड जांच टीम ने लेकर दोनों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाने के लिए कहा है। जांच अधिकारी अजीत पांडेय ने बताया कि हर बिंदु पर जांच हो रही है। इसलिए देरी भी हो रही है। खासकर कागज व रिकार्ड का मिलान के साथ बैंक के कागज भी मिलान करने पड़ते हैं। इन दोनों कर्मचारियों के हस्ताक्षर युक्त कागज व रिकार्ड लेकर जिन पेंशनरों को रकम भेजी गई, उनसे भी जानकारी ली जाएगी। अभी विभाग के कुछ और कर्मचारी का भी इस प्रक्रिया में रोल होने की संभावना है।
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हाईकोर्ट में चार मामले, राहत नहीं
चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में हाईकोर्ट में मंगलवार को गिरफ्तारी से बचने के लिए स्टे और जमानत के लिए चार मामले पहुंचे हैं। अधिवक्ता आशीष् तिवारी ने बताया कि किसी को राहत नहीं मिली है। बुधवार को भी सुनवाई हो सकती है।
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