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चित्रकूट: आरएसएस की चिंतन बैठक खत्म, सतना के लिए रवाना हो गए मोहन भागवत

Tue, 13 Jul 2021 10:22 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 13 Jul 2021 10:22 PM IST
सार

अंतिम दिन मंगलवार को संघ प्रमुख ने यूपी-एमपी के 60 संघ कार्यकर्ताओं संग बैठक की। स्थानीय समस्याओं का समाधान कराने के लिए यूपी और एमपी की सरकारों तक संदेश भेेजने का आश्वासन भी दिया।

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RSS contemplation meeting ends, Mohan Bhagwat leaves for Satna
संघ प्रमुख मोहन भागवत सतना के लिए रवाना हो गए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आरएसएस के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत अपने 8 दिवसीय चित्रकूट प्रवास के बाद मंगलवार की शाम को छह बजे के बाद सतना मप्र के लिए रवाना हो गए। संघ प्रमुख के सतना रवाना होने के साथ ही अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने क्षेत्र की ओर रवानगी की। वरिष्ठ पदाधिकारी सुरेश सोनी व सुनील आंबेकर संपर्क क्राति ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
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सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कामदगिरी की परिक्रमा कर गंत्वय रवानगी की। अंतिम दिन मंगलवार को संघ प्रमुख ने यूपी-एमपी के 60 संघ कार्यकर्ताओं संग बैठक की। स्थानीय समस्याओं का समाधान कराने के लिए यूपी और एमपी की सरकारों तक संदेश भेेजने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद उन्होंने श्रमदान और पौधरोपण भी किया।
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मीडिया और जनता से भी नहीं मिले
धर्मनगरी में संघ की पांच दिन की बैठक इतनी कड़ी सुरक्षा में हुई कि अंदर की गतिविधियां व तस्वीर तक बाहर आने नहीं दिया। बैठक समाप्त होने के बाद पदाधिकारी चुपचाप अपने घर चले गए। कार्यक्रम के शुभारंभ से लेकर अंत तक होने वाली बैठक को सार्वजनिक नहीं होने दिया गया। पदाधिकारियों के अलावा अन्य के जाने पर प्रतिबंध रहा।
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संस्थाओं के प्रति ग्रामीणों की आस बंधी
संघ के प्रमुख ने दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक, आर्थिक स्थिति अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदली हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली दीनदयाल शोध संस्थान जैसी संस्थाओं के प्रति ग्रामीणों को आस बंधी है। कहा कि असत्य सत्य की कसौटी पर टिकने वाला नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी संस्कार देखने मिलते हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षा आ गई, जिससे संस्कारों का नुकसान हुआ है। कहा कि चिकित्सा में एक  विचार करना चाहिए। कहा कि हमारा काम है कि संपर्क के जरिये लोगों को संस्कारवान बनाना है। इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक डा. मिलिंद देवगांवकर आदि मौजूद रहे।
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