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टाइगर रिजर्व पार्क व कामता नाथ मंदिर को जोडे़गी रिंग रोड
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चित्रकूट। मानिकपुर के रानीपुर वन्य जीव विहार का विस्तारीकरण कर इसे टाइगर रिजर्व पार्क के रूप में विकसित किए जाने की पहल शुरू हो गई है। इस पार्क को कामता नाथ मंदिर से जोड़ने के लिए रिंग रोड भी बनाई जाएगी। रिंग रोड बनने से पर्यटकों को सीधा लाभ होगा। वे शहर में प्रवेश किए बिना धार्मिक क्षेत्र के दर्शन करने के साथ ही जंगल की रोमांचक यात्रा भी कर लेंगे।
दरअसल धर्मनगरी को पर्यटन नगरी के तौर पर विकसित करने की तैयारी चल रही है। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क की सीमा से लगा है, लेकिन पर्यटन के लिहाज से इस क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। प्रदेश सरकार इसे अब टाइगर रिजर्व पार्क के तौर पर विकसित करने जा रही है।
डीएफओ आरके दीक्षित का कहना है कि भविष्य में इसका स्वरूप नैनीताल के जिम कार्बेट नेशनल पार्क की तरह हो सकता है। सरकार का मकसद है कि जो व्यक्ति सैरसपाटे के लिहाज से टाइगर रिजर्व पार्क आए तो वह आसान तरीके से कामता नाथ मंदिर के दर्शन का भी लाभ उठा सके। इस वजह से पार्क और मंदिर परिसर को जोड़ने के लिए 11.500 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाने की भी तैयारी चल रही है।
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ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
वन विभाग की एसडीओ ऊषा देवी ने बताया कि टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 52,238 हेक्टेयर है। यह मानिकपुर व मारकुंडी क्षेत्र के जंगलों में ही होगा। टाइगर रिजर्व बनने से चित्रकूट में ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। पाठा क्षेत्र में कई धार्मिक व पौराणिक स्थल हैं। घने जंगलों के बीच शबरी जल प्रपात, राघव जल प्रपात, मार्कंडेय आश्रम, सरभंग आश्रम, अमरावती आश्रम, धारकुंडी आश्रम स्थल हैं। अभी दुर्गम क्षेत्र होने के कारण पर्यटक इन स्थानों तक नहीं पहुंच पाते हैं। टाइगर रिजर्व क्षेत्र बनने से यह तमाम दुश्वारियां दूर होंगी। पर्यटकों को घुमाने के लिए बेहतर सड़कें होंगी। लोगों को रोजगार मिलेंगे और क्षेत्र की बदहाली दूर होगी। दस्यु से मुक्त हुए इस क्षेत्र का विकास होगा।
रिजर्व क्षेत्र में तैनात होगी फोर्स
टाइगर रिजर्व पार्क के लिए वन विभाग ने करीब 65 हजार हेक्टेयर का नक्शा तैयार कर शासन को भेजा था, लेकिन सरकार ने 52 हजार हेक्टेयर का पास किया है। इसमें 91 गांव भी शामिल हैं। इन गांवों के लोगों को प्रस्तावित सड़क के किनारे बसाया जाएगा। आने वाले समय में इस क्षेत्र में वन विभाग की विशेष फोर्स तैनात की जाएगी।
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दरअसल धर्मनगरी को पर्यटन नगरी के तौर पर विकसित करने की तैयारी चल रही है। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र पन्ना टाइगर रिजर्व पार्क की सीमा से लगा है, लेकिन पर्यटन के लिहाज से इस क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। प्रदेश सरकार इसे अब टाइगर रिजर्व पार्क के तौर पर विकसित करने जा रही है।
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डीएफओ आरके दीक्षित का कहना है कि भविष्य में इसका स्वरूप नैनीताल के जिम कार्बेट नेशनल पार्क की तरह हो सकता है। सरकार का मकसद है कि जो व्यक्ति सैरसपाटे के लिहाज से टाइगर रिजर्व पार्क आए तो वह आसान तरीके से कामता नाथ मंदिर के दर्शन का भी लाभ उठा सके। इस वजह से पार्क और मंदिर परिसर को जोड़ने के लिए 11.500 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाने की भी तैयारी चल रही है।
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ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
वन विभाग की एसडीओ ऊषा देवी ने बताया कि टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 52,238 हेक्टेयर है। यह मानिकपुर व मारकुंडी क्षेत्र के जंगलों में ही होगा। टाइगर रिजर्व बनने से चित्रकूट में ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। पाठा क्षेत्र में कई धार्मिक व पौराणिक स्थल हैं। घने जंगलों के बीच शबरी जल प्रपात, राघव जल प्रपात, मार्कंडेय आश्रम, सरभंग आश्रम, अमरावती आश्रम, धारकुंडी आश्रम स्थल हैं। अभी दुर्गम क्षेत्र होने के कारण पर्यटक इन स्थानों तक नहीं पहुंच पाते हैं। टाइगर रिजर्व क्षेत्र बनने से यह तमाम दुश्वारियां दूर होंगी। पर्यटकों को घुमाने के लिए बेहतर सड़कें होंगी। लोगों को रोजगार मिलेंगे और क्षेत्र की बदहाली दूर होगी। दस्यु से मुक्त हुए इस क्षेत्र का विकास होगा।
रिजर्व क्षेत्र में तैनात होगी फोर्स
टाइगर रिजर्व पार्क के लिए वन विभाग ने करीब 65 हजार हेक्टेयर का नक्शा तैयार कर शासन को भेजा था, लेकिन सरकार ने 52 हजार हेक्टेयर का पास किया है। इसमें 91 गांव भी शामिल हैं। इन गांवों के लोगों को प्रस्तावित सड़क के किनारे बसाया जाएगा। आने वाले समय में इस क्षेत्र में वन विभाग की विशेष फोर्स तैनात की जाएगी।