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किसानों के सामने धान की नर्सरी का संकट

Thu, 30 Jun 2016 12:13 AM IST
अमर उजाला चित्रकूट
अमर उजाला चित्रकूट Updated Thu, 30 Jun 2016 12:13 AM IST
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Rice farmers in front of the crisis nursery
बंद पड़ा चिल्लीराकस पंप कैनाल - फोटो : अमर उजाला
सूखे का प्रकोप ही है कि यमुना से जुड़ा चिल्लीराकस पंप कैनाल पूरी तरह बंद है। इस कारण दो दर्जन गांव के सैकड़ों किसान धान की नर्सरी भी नहीं तैयार कर पा रहे है। किसानों का कहना है कि पहले तो परिवार के खाने भर का धान पैदा कर लेेते थे। इस बार पंप कैनाल बंद होने से जब नर्सरी नहीं हो पा रही है तो खाने के लिए धान की पैदावार कैसे होगी।
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 चिल्लीराकस पंप कैनाल के चालू होने पर क्षेत्र के दो दर्जन गांव के हजारों बीघे की जमीन पर एक हजार कुंतल धान का उत्पादन होता था। धीरे-धीरे विभागीय लापरवाही और नहर सफाई न होने से इस कैनाल का पानी मलवारा, खटवारा, बेराउर व चिल्ली तक ही सीमित रह गया। चिल्ली निवासी नत्थू पांडेय व राजेंद्र सिंह ने बताया कि पहले इस नहर का पानी रायपुर, बिलास, खतवार, मलवारा, खटवारा, चनहट, कुसैली, नांदिनकुर्मियान, पराको आदि गांव तक पहुंचता था और आसपास के किसान धान की खेती करते थे। अब दो साल से यह कैनाल अक्सर बंद रहता है। अधिकारी मशीन खराब होने का बहाना बनाते रहते हैं।
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यमुना में पानी कम होने के कारण लिफ्ट मशीन का खराब होना भी कारण है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समय धान की नर्सरी का  समय है, मगर पंप कैनाल में पानी न होने से नर्सरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में धान पिछड़ जाएगा तो पैदावार भी नहीं होगी। जब किसान नर्सरी नर्सरी ही नहीं कर पाएगा तो धान की पौध कैसे लगाएगा।  
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बेराउर के प्रधान धीरेंद्र सिंह, किसान शिवशंकर सिंह, चिल्लीराकस के संतोष सिंह व अवधेश पांडेय आदि ने बताया तीन साल से पंप कैनाल से कम पानी मिल रहा था। इधर तीन माह से पूरी तरह बंद पड़ा है। पहले इसी कैनाल के पानी से धान की नर्सरी तैयार कर लेते थे, लेकिन अब सूखा पड़ने के कारण खाने भर की नर्सरी तैयार करना मुश्किल लगता है।

चनहट के प्रवीण सिंह व नांदिनकुर्मियान के लक्ष्मण सिंह ने बताया कि इस मानसून में तीन दिन बारिश हुई है उससे कुछ राहत तो मिली है, लेकिन धान की नर्सरी तैयार करने भर को पानी जमा नहीं हो पाया है। कैनाल को चालू कराकर टेल तक सफाई कराकर पानी आपूर्ति कराई जाए तो सैकड़ों किसानों को खाने भर के लिए धान की नर्सरी हो जाएगी।


लघु सिंचाई विभाग के जेई गंगा राम ने बताया कि पंप कैनाल की मशीनें खराब पड़ी हैं। अधिकारियों से कई बार मशीन मरम्मत कराने की मांग की गई है, लेकिन अभी तक नहीं हुई। इसके अलावा पानी लिफ्टिंग की मशीन भी खराब है। साथ ही यमुना का जलस्तर कम होने से समस्या आ रही है। नहर सफाई कराने की बात पूछने पर कोई जवाब नहीं दिया।
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