{"_id":"5df10efe8ebc3e87ae37dc0a","slug":"rbsk-team-undergoes-surgery-for-innocent-people-in-kanpur-chitrakutt-news-knp5315341101","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरबीएसके टीम ने कानपुर में कराई मासूमों की सर्जरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरबीएसके टीम ने कानपुर में कराई मासूमों की सर्जरी
विज्ञापन
चित्रकूट। कटे होंठ के कारण मासूमों के चेहरे की गायब सुंदरता फिर लौट आई है। जिससे परिजन खुश हैं। पहले दो बच्चों के परिजन अपने बच्चों को लेकर बेहद चितिंत थे लेकिन राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) द्वारा निशुल्क इलाज कराने पर परिजनों को बेहद खुशी हुई, क्योकि इलाज में खर्च होने वाली रकम बच गई। आरबीएसके की सहायता से 28 नवंबर को बच्चों की कानपुर के अस्पताल में सर्जरी कराई गई।
पहाड़ी ब्लाक के ममसी बुजुर्ग निवासी बुद्दन की पत्नी अंतिमा देवी ने डेढ़ साल पहले बेटे को जन्म दिया। जन्म के समय मासूम का विकृत चेहरा देख परिवारीजन परेशान हो गए, बच्चे का होठ कटा था। सभी चिंतित थे। परिजन आगे चलकर इलाज की सोच रहे थे। आरबीएसके की टीम गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची। टीम को जानकारी हुई कि एक बच्चे के होठ कटे हैं। आरबीएसके टीम प्रभारी डा. विनोद सिंह की अगुवाई में टीम बुद्दन के घर पहुंची। डा. विनोद के मुताबिक परिवार बच्चे की सर्जरी के लिए तैयार हो गया। इसी प्रकार पहाड़ी के पप्पू व उसकी पत्नी नथिया अपनी बच्ची लक्ष्मी को लेकर परेशान थी। लक्ष्मी का भी होठ कटा था। आंगनबाड़ी केंद्र पर आरबीएसके टीम प्रभारी डा. सिंह पहुंचे तो उन्हें इस बात की जानकारी हुई। टीम ने घर पहुंच बच्ची के सर्जरी की बात परिजनों को बताई। इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद कुमार यादव को सीएचसी प्रभारी के जरिए दी गई। कहा कि लीलामणि अस्पताल कानपुर के डा. समीर सक्सेना से बात करके परिजनों को बच्चों के साथ कानपुर भेजकर 28 नवंबर को दोनों मासूमों की सर्जरी कराई गई। आरबीएसके टीम की कोशिश है कि प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में इस तरह के अधिक से अधिक बच्चों को चिन्हित कर उन्हें लाभ दिलाया जाए।
विज्ञापन
पहाड़ी ब्लाक के ममसी बुजुर्ग निवासी बुद्दन की पत्नी अंतिमा देवी ने डेढ़ साल पहले बेटे को जन्म दिया। जन्म के समय मासूम का विकृत चेहरा देख परिवारीजन परेशान हो गए, बच्चे का होठ कटा था। सभी चिंतित थे। परिजन आगे चलकर इलाज की सोच रहे थे। आरबीएसके की टीम गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर पहुंची। टीम को जानकारी हुई कि एक बच्चे के होठ कटे हैं। आरबीएसके टीम प्रभारी डा. विनोद सिंह की अगुवाई में टीम बुद्दन के घर पहुंची। डा. विनोद के मुताबिक परिवार बच्चे की सर्जरी के लिए तैयार हो गया। इसी प्रकार पहाड़ी के पप्पू व उसकी पत्नी नथिया अपनी बच्ची लक्ष्मी को लेकर परेशान थी। लक्ष्मी का भी होठ कटा था। आंगनबाड़ी केंद्र पर आरबीएसके टीम प्रभारी डा. सिंह पहुंचे तो उन्हें इस बात की जानकारी हुई। टीम ने घर पहुंच बच्ची के सर्जरी की बात परिजनों को बताई। इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद कुमार यादव को सीएचसी प्रभारी के जरिए दी गई। कहा कि लीलामणि अस्पताल कानपुर के डा. समीर सक्सेना से बात करके परिजनों को बच्चों के साथ कानपुर भेजकर 28 नवंबर को दोनों मासूमों की सर्जरी कराई गई। आरबीएसके टीम की कोशिश है कि प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र में इस तरह के अधिक से अधिक बच्चों को चिन्हित कर उन्हें लाभ दिलाया जाए।
विज्ञापन